फूल चौराहा पर अब सब कुछ सामान्य है। मगर एहतियातन पुलिस व आरएएफ की तैनाती बरकरार है। पुराने शहर के संवेदनशील प्वाइंटों पर भी पुलिस तैनात है। घटना के तीसरे दिन रविवार को सामान्य दिनों की तरह बाजार खुला। इधर, पुलिस ने पथराव, फायरिंग और तोड़फोड़ के आरोपियों की खोज शुरू कर दी है। सीसीटीवी की मदद से करीब एक दर्जन बवालियों को पहचाना भी जा चुका है।
शुक्रवार शाम यहां धर्मस्थल पर गुंबद निर्माण को लेकर विवाद गहराया था। हालांकि समझौता हो गया था। मगर बाद में फैली अफवाह ने दूसरे पक्ष के लोगों को भड़का दिया। इन लोगों ने एकत्रित होकर सांप्रदायिक नारेबाजी करते हुए पुलिस पर पथराव और फायरिंग कर दी थी। इसके चलते इलाके के साथ-साथ पुराने शहर का माहौल तनावपूर्ण हो गया था। डीएम, एसएसपी, एसपी, सीओ, पीएसी, आरएएफ समेत भारी पुलिस फोर्स ने मामले पर काबू पाया था। शनिवार को भी तनावपूर्ण शांति रही। रविवार को माहौल सामान्य हो गया। आम दिनों की तरह बाजार खुला और भीड़ भी रही। उधर, एसएसपी राजेश पांडेय का कहना है कि कई सीसीटीवी कैमरे टूटने के कारण कुछ दिक्कत आ रही है। फिर भी एक दर्जन लोगाें की पहचान हो चुकी है। सख्त कार्रवाई होगी।
विधायक ने दी रिपोर्ट
इस मामले में शहर विधायक संजीव राजा द्वारा गठित पांच सदस्यीय कमेटी के सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा, गंगे पहलवान, सुबोध स्वीटी, अमित सर्राफ, रवि वर्मा ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में खुफिया लापरवाही भी उजागर की गई है। कहा गया है कि जब बिना एडीए की अनुमति के यह निर्माण हो रहा था, तो खुफिया तंत्र क्या कर रहा था। साजिश का भी उल्लेख किया गया है। निर्माण में धर्मस्थल का क्षेत्रफल बढ़ाने की भी बात है। विधायक ने इस रिपोर्ट को शासन से अवगत कराने और अधिकारियों से कार्रवाई कराने की बात कही है।
सुलह की ओर बढ़ रहे दोनों पक्ष
इस घटना के बाद दोनों पक्ष सुलह की ओर बढ़ रहे थे। अंदरखाने की खबर है कि बाजार में काफी संख्या में लोग इस झगड़े से जुड़ी मुकदमेबाजी के पक्ष में नहीं हैं और चाह रहे हैं कि किसी तरह सुलह हो जाए। जिन लोगों ने गलती की है, उन्हें पुलिस-प्रशासन अपने स्तर से सजा दे। इधर, सांप्रदायिकता विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार आजाद ने इस घटना पर खेद जताया और उपद्रव की आड़ में भाईचारा बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।