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गुडवर्क.. बेटी मिली तो एसएसपी से लिपटकर रोयी मां

Mon, 30 Oct 2017 01:04 AM IST
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
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गुडवर्क.. बेटी मिली तो एसएसपी से लिपटकर रोयी मां - फोटो : Rupesh
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एसएसपी का प्रयास रंग लाया। महानगर के शमशाद मार्केट इलाके में फुटपाथ पर रहने वाली बेसहारा महिला की आठ साल की बेटी 12वें दिन पुलिस दबाव व डर के चलते छोड़ दी गई। जब शाम को बच्ची अपनी मां के पास पहुंची और खबर पर एसएसपी राजेश पांडेय मौके पर आए तो मारे खुशी के महिला एसएसपी से लिपटकर खूब रोयी।
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वह उन्हें इस कदर धन्यवाद दिए जा रही थी कि उसकी खुशी का ठिकाना न था। इस दौरान पूछताछ में बच्ची ने इतना ही बताया कि जूस पीते समय उसे एक महिला व पुरुष किसी तरह बेहोश कर ले गए थे। देहली गेट इलाके में उसे घर में काम कराने के लिए रखा गया था। आज रविवार को अचानक रेलवे स्टेशन से इधर कठपुला साइड छोड़ गए। माना जा रहा है कि अखबारों में खबर छपने और एसएसपी के खुद रुचि लेने के डर से यह लोग उसे छोड़ गए होंगे।

वाकये के अनुसार गरीबी के अंतिम पायदान पर जीवन यापन करने वाली मीना देवी (34 वर्ष) पत्नी कन्हैया मूल रूप से छोटी कसेर, थाना डिबाई जिला बुलंदशहर की रहने वाली है। इस समय शमशाद मार्केट के फुटपाथ पर रह रही है। मजदूर पति भी लापता हो गया।
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बड़ा लड़का राहुल बिरयानी के ठेले पर मजदूरी करता है। लगभग चार माह पहले जब अपने बच्चों के साथ फुटपाथ पर सो रही थी, तब रात में कोई उसके चार महीने के बच्चे को चोरी कर ले गया। अभी पहले बच्चे का पता भी नहीं चला था कि 10  दिन पहले रात में जब वह बड़े बेटे व बेटी के साथ फुटपाथ पर सो रही थी, तो कोई उसकी बेटी को भी चोरी कर ले गया। कई दिन से बेटी की तलाश में भटक रही महिला एसएसपी के ड्राइवर मो. हनीफ से मिली तो ड्राइवर ने एसएसपी को बताया।

शुक्रवार रात महिला फुटपाथ पर मिली। महिला ने एसएसपी को फुटपाथ पर अशोक के पेड़ की डाल पर धागे में लटकाई हुई अपनी बेटी काजल की पासपोर्ट साइज की फोटो दिखाकर रोने लगी और कहने लगी ‘मैंने फोटो भी टांग दी, फिर भी कोई नहीं बता रहा है। यह व्यथा सुन स्तब्ध एसएसपी ने इंस्पेक्टर सिविल लाइंस को बुलाकर मुकदमा व बच्ची बरामदगी के निर्देश दिए थे। यह खबर रविवार को अखबारों की सुर्खियों में रही। 

अभी पुलिस अपना काम कर ही रही थी कि रविवार शाम करीब 4-5 बजे के मध्य बच्ची रेलवे स्टेशन से पैदल-पैदल मां के पास शमशाद मार्केट फुटपाथ पर पहुंच गई। इधर, इस काम में पुलिस के साथ मानव उपकार के विष्णु कुमार बंटी, पंकज धीरज आदि भी लगे हुए थे तो उन्हें बेटी के मां के पास पहुंचने की खबर मिल गई। उन्होंने तत्काल इंस्पेक्टर सिविल लाइंस व एसएसपी को यह खबर दी। इस पर एसएसपी शाम को ही उस महिला के पास पहुंचे जो अपनी बेटी को पाकर बेहद खुश थी।

दोनों आपस में बतिया रहे थे। जब महिला ने एसएसपी को देखा तो वह उनसे भी लिपटकर मारे खुशी के खूब रोयी। इस दौरान बच्ची का कहना था कि वह एक ढकेल पर जूस पी रही थी। आधा जूस पिया था, तभी वह बेसुध होने लगी। उसे याद है कि एक बुरका पहने महिला व एक पुरुष उसके इर्द-गिर्द थे।

इसके बाद होश आने पर इशारे से बताते हुए कहती कि देहली गेट साइड में थी, जहां उससे घर में काम कराया जा रहा था। आज रविवार दोपहर बाद अचानक कुछ लोग उसे गाड़ी से स्टेशन के पास कठपुला से इधर छोड़ गए। अंदेशा है कि वह लोग अखबारों में खबर पढ़ डर गए और पुलिस झमेले से बचने के लिए उन्होंने ऐसा किया। कुल मिलाकर महिला एसएसपी को दुआएं देते नहीं थक रही थी। एसएसपी का कहना है कि अभी महिला के दूसरे बच्चे के बरामद करने के प्रयास जारी हैं और इन मां-बेटी को सामाजिक संगठनों की मदद से अन्य मदद भी दिलाई जाएगी।
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