अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के छात्र नेता फरहान जुबैरी ने कहा कि संसद से मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर हटवाइए, फिर यहां (एएमयू) से भी तस्वीर हटा देंगे। फरहान ने भाजपा सांसद सतीश गौतम के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने एएमयू में लगी जिन्ना की तस्वीर हटाने की बात कही थी।
फरहान ने कहा कि संसद में कानून बनाकर पास कराएं और जिन्ना की तस्वीर हटा दें। इसमें किसी को क्या एतराज हो सकता है, लेकिन सवाल यह है कि जब मुंबई, संसद से तस्वीर नहीं हटाई जा रही है तो यहां के लिए हायतौबा क्यों मची है। यह तस्वीर आजादी से पहले की लगी है, जब जिन्ना भारत के हिस्सा थे। क्या अपने इतिहास को भुलाया जाएगा, जो चीज इतिहास में रही है, उसे तो याद रखा ही जाएगा।
जिन्ना की तस्वीर एक बहाना है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव करीब आ रहा है। इसलिए भाजपा को किसी भी तरह से हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा लाना है। इनके पास कोई मुद्दा बचा नहीं है, तो लौट-फिर कर यूनिवर्सिटी पर ही आ जाते हैं। उसे निशाना बनाया जाता है। फरहान ने सांसद पर अशोभनीय टिप्पणी करते हुए कहा कि वह भूखे परिवार का हाल जानने के बजाय एएमयू को राजनीति का अड्डा बनाना चाहते हैं। किसी तरह से यहां दंगा हो। इसलिए सांसद के बयान के वह बिल्कुल खिलाफ हैं।