महानगर के जीटी रोड पर धनीपुर मंडी गेट के सामने सोमवार को दोपहर में कैश मैनेजमेंट सर्विस (सीएमएस) के गार्ड की हत्या कर लूटी गई रकम को लेकर संशय अब भी कायम है। जहां एक ओर लूटी गई रकम को 34 लाख बताने वाली सीएमएस के अधिकारी अब 62 लाख बता रहे हैं, वही दूसरी ओर पुलिस को उनकी कहानी पर यकीन नहीं है।
मामले में बुधवार को कंपनी के अधिकारी तहरीर लेकर सीओ से लेकर थाने तक के चक्कर लगाते रहे, लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। उसका ध्यान तो बदमाशों की गिरफ्तारी पर रहा। दूसरा पुलिस एक ही बात कह रही है कि पहले इस रकम के हिसाब-किताब की तथ्यों, एटीएम मशीन के रिकार्ड, बैंक रिकार्ड आदि से जांच होगी। इसके बाद ही लूटी गई रकम की सत्यता सामने आएगी।
सोमवार को दोपहर में धनीपुर मंडी के सामने आईसीआईसीआई के एटीएम में कैश डालने आई सीएमएस की कैश वैन से हुई लूट की रकम लगातार तीसरे दिन भी पहेली बनी रही।
वैन के कस्टोडियन व ड्राइवर से सघन पूछताछ में भी वास्तविक रकम का खुलासा नहीं हो सका। हालांकि सीएमएस के कर्ताधर्ता लूटी गई रकम को लेकर बयान बदलने के लिए लगातार सफाई दे रहे हैं कि वारदात के बाद हड़बड़ी में वे लूटी रकम 34 लाख बता गए थे, बाद में गिनती हुई तो यह रकम 62 लाख निकली। लेकिन पुलिस उनके बयान से संतुष्ट नहीं है।
संगठन के अधिकारी इस मामले में तहरीर लेकर सीओ से लेकर थाने तक चक्कर लगाते रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें तवज्जो नहीं दी। इस संबंध में सीएमएस कंपनी के रीजन हैड अनुज डोभाल ने दिल्ली से मोबाइल पर बातचीत में बताया कि पहले दिन स्टाफ घबरा गया था। इसलिए जल्दबाजी में जो समझ में आया, वह बता दिया। अब हमने मिलान कर लिया है। मगर वह नियमों से जुड़े तर्कों का जवाब नहीं दे सके।