गोरखपुर।
हिंदू युवा वाहिनी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का फर्जी गठन करके ईशा रजा मंसूरी को धर्माचार्य बना दिया गया। साथ ही फर्जी लेटर पैड जारी करके अफसरों पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। इसका खुलासा हुआ तो हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारी सकते में आ गए। अब युवा वाहिनी ने नोटिस जारी करके फर्जीवाड़ा रोकने की हिदायत दी है। साफ कहा कि आगे से फर्जी लेटर पैड मिला तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हिंदू युवा वाहिनी के संरक्षक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। संरक्षक के मुख्यमंत्री बनने के बाद संगठन का रुतबा बढ़ा। तमाम लोग संगठन से जुड़ना चाह रहे हैं लेकिन सदस्यता बंद है। ऐसे में लोगों ने फर्जीवाड़े का सहारा लेना शुरू कर दिया। प्रदेश महामंत्री पीके मल्ल ने बताया कि हिंदू युवा वाहिनी का एक फर्जी दफ्तर लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क के पास बनाया गया। इसके स्वयंभू प्रमुख धर्माचार्य स्वामी राजू नारायण बने। राजू की तरफ से ही एक लेटर पैड मुख्यमंत्री को संबोधित करके भेजा गया। इसकी प्रति कृषि मंत्री, प्रमुख सचिव कृषि, निदेशक कृषि सहित तमाम अफसरों को भेजी गई। लेटर में ईशा रजा मंसूरी को युवा वाहिनी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का धर्माचार्य बताया गया। साथ ही कहा गया कि मंसूरी ने खाद-बीज घोटाले का पर्दाफाश किया था। अब घोटाले से जुड़े लोग उन्हें फंसाना चाहते हैं। इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जरूरत है। इस लेटर का अफसरों ने संज्ञान लिया। पूछताछ भी शुरू हुई लेकिन मामला फर्जीवाड़े का निकला। पता चला कि युवा वाहिनी ने अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का गठन नहीं किया है। फर्जीवाड़े में ही दोनों धर्माचार्य को नोटिस दिया गया है।
योगी सेना को भी नोटिस
पश्चिमी यूपी में योगी सेना नामक संगठन बनाने वाले संचालकों को भी हिंदू युवा वाहिनी की तरफ से नोटिस भेजा गया है। इस संगठन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर का इस्तेमाल लेटर पैड या फिर पोस्टर, बैनर में किया है। मुख्यमंत्री से आशीर्वाद का भी जिक्र है।