एएमयू में भड़काऊ भाषण देने के मुकदमे में आरोपी डॉ. कफील को शुक्रवार शाम अलीगढ़ लेकर पहुंची पुलिस ने रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद तत्काल जिला कारागार दाखिल कर दिया। मगर शहर व एएमयू के तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रशासनिक आधार पर घंटे भर में उसे जिला जेल से मथुरा जिला कारागार ट्रांसफर कर दिया गया। यह पूरी गतिविधि आनन-फानन निपटाई गई कि किसी को भनक तक नहीं लगी। कफील के अलीगढ़ आने और यहां से मथुरा रवाना किए जाने के बाद ही पुलिस प्रशासनिक खेमे ने राहत की सांस ली। अंदेशा था कि कहीं खबर फैलते ही उसके समर्थक एएमयू छात्रों की भीड़ घेराबंदी न कर ले। बता दें कि मुंबई में गिरफ्तार हुए डॉ. कफील को ट्रांजिट रिमांड पर सिविल लाइंस पुलिस यहां लेकर आई थी।
एएमयू में नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में स्वराज इंडिया मूवमेंट के अध्यक्ष योगेंद्र यादव के साथ डॉ. कफील 12 दिसंबर को यहां छात्रों के बीच पहुंचे थे। डॉक्टर कफील ने भड़काऊ बयानबाजी की थी। 13 दिसंबर को उनके विरुद्ध सिविल लाइन थाने के सब इंस्पेक्टर दानिश की ओर से मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। इसी मुकदमे में एसटीएफ मुंबई ने उसे गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी की खबर पर सिविल लाइंस पुलिस की एक टीम सब इंस्पेक्टर निजामुद्दीन की अगुवाई में मुंबई भेजी। बृहस्पतिवार को इस टीम ने वहां ट्रांजिट रिमांड आवेदन किया। अदालत ने 2 फरवरी तक का ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दिया है।
सीओ तृतीय अनिल समानिया ने बताया कि उसे पुलिस टीम शुक्रवार देर शाम यहां लेकर पहुंची और रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने उसका 14 दिन का न्यायिक अभिरक्षा में रखने का रिमांड बनाकर जिला कारागार भेजने का आदेश दिया। जहां से साढ़े सात बजे करीब कफील को जिला कारागार भेजा गया। जहां से कुछ ही देर में उसे प्रशासनिक आधार पर मथुरा जिला कारागार शिफ्ट कर दिया गया। कारागार के अधीक्षक डॉ.आलोक सिंह ने तमाम सुरक्षा कारणों से प्रशासनिक आधार पर उसे मथुरा शिफ्ट किए जाने की पुष्टि की है।
एएमयू और तनाव की वजह से नहीं रोका कफील को
डॉ.कफील का ट्रांजिट रिमांड 2 फरवरी तक का था। पुलिस अब तक तो यही बता रही थी कि उसे आज मध्य रात तक ही यहां लाया जाएगा और फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। मगर पुलिस ने उसे यहां लाने की प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा। इसके पीछे वजह थी कि एएमयू में उसके समर्थकों को अगर भनक लगी तो शायद घेराबंदी हो सकती थी। साथ में जेल में भी माहौल तनावपूर्ण हो सकता था। इसके चलते कफील को गुपचुप तरीके से यहां लाया गया और स्थानीय जेल में न रखकर आनन-फानन मथुरा शिफ्ट कर दिया गया।
शरजील इमाम का बी वारंट जारी
एएमयू में ही भड़काऊ भाषण देने वाले और असम को देश से अलग कर देने का एलान करने वाले जेएनयू छात्र शरजील इमाम का बी वारंट तैयार हो गया है। यह वारंट तिहाड़ जेल में दाखिल होगा। इसके बाद शरजील को अलीगढ़ की अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा। यहां पर उसके खिलाफ थाना सिविल लाइन में देश द्रोह की धाराओं में मुकदमा दर्ज है। सीओ ने बताया कि इस वी वारंट के आधार पर उसे भी जल्द अलीगढ़ लाया जाएगा।