बेशक गौरव को शुक्रवार दुपहर में मृत घोषित किया गया। मगर डॉक्टरों ने तो रात एक बजे ही हाथ खड़े कर दिए थे। बस जुमे की नमाज को सकुशल कराने और शहर में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उसकी मौत को घोषित करने में देरी करने की बात सामने आ रही है।
बताया गया है कि गोली लगने के बाद गौरव जमीन पर गिर पड़ा और फिर पथराव व भगदड़ में उसके गुप्तांगों पर चोट लग गई। वह उठ न सका और अधिक खून बहने से उसकी हालत बिगड़ गई।
बात अगर गौरव की मौत की करें तो डॉक्टरों ने तो रात एक बजे ही हाथ खड़े कर दिए थे। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। कृतिम सांसें दी गईं। मगर बचाया नहीं जा सका। सुबह दिल्ली तक ले जाने की बात हुई। फिर उसकी मौत घोषित करने में भी देरी की गई और जुमे की नमाज निपटने के बाद उसकी मौत घोषित की गई।