प्यार में धोखा मिलने और परिवार द्वारा जेल में मुलाकात न करने से आहत एक बंदी ने जेल में बृहस्पतिवार दोपहर कट्टन (सलाद काटने के लिए चम्मच से बनाया जाने वाला विशेष चाकू) से गर्दन काट ली। इस खबर पर आनन-फानन बंदी को पहले जिला अस्पताल और फिर जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां शाम को उसकी हालत में सुधार हुआ। तब जाकर कारागार प्रशासन ने राहत की सांस ली। इधर, खास बात यह है कि इस खबर के मिलने के बाद भी देर शाम तक कोई परिजन उससे मिलने नहीं आया।
वाकया इस तरह है कि मूल रूप से खरगुपुरा बरला के कुलदीप सिंह के गांधीपार्क इलाके की युवती से प्रेम संबंध हो गए थे। पिछले दिनों वह युवती को घर से ले गया, जिसका मुकदमा युवती परिवार ने गांधीपार्क में दर्ज कराया। इसी मुकदमे में 2 अप्रैल को उसे जेल भेजा गया। उसे उम्मीद थी कि युवती से वह प्यार करता है। इसलिए उसके पक्ष में न्यायालय में बयान देगी और वह बाहर आ जाएगा।
इसके बाद दोनों साथ रहेंगे। मगर सब कुछ युवक की मंशा के उलट हुआ। कारागार प्रशासन को बृहस्पतिवार दोपहर हुई इस घटना के बाद मिली जानकारी से पता चला कि कुलदीप जिस युवती से प्यार करता था और उससे जुड़े मुकदमे में जेल आया। उस युवती ने उसके खिलाफ बयान दिए हैं। वह पहले भी किसी और संग इसी तरह घर से जा चुकी है।
इस बात से वह बेहद आहत था। इसके अलावा कुलदीप के इस आरोप में जेल आने के बाद उसका परिवार भी उससे खफा था। समाज में बेइज्जती के चलते परिवार उससे मिलने तक नहीं आ रहा था। कुलदीप ने फोन कर मुलाकात करने तक की खबर दी। मगर कोई नहीं आया और न युवती के बयान बदलने के बाद उसकी जमानत का प्रयास किया।
इसी से कुलदीप कई दिन से आहत था। दोपहर में कुलदीप ने बैरक के शौचालय में जाकर कट्टन से खुद की गर्दन काट ली। जब वह खून से लथपथ चीखता हुआ बाहर निकला तो संगी बंदी दंग रह गए। खबर पर तत्काल कारागार प्रशासन हरकत में आया। उसे जिला अस्पताल और फिर जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जेलर पीके सिंह के अनुसार बंदी की हालत में अब सुधार है। हालत खतरे से बाहर है। वहीं खबर देने पर परिवार से अभी तक कोई नहीं आया है।