सर्जिकल स्ट्राइक के बाद एक ओर जहां पूरा देश सेना के जवान के प्रति आदर तथा सम्मान की गाथा गा रहा है, वहीं दूसरी ओर हरदुआगंज पुलिस ने फौजी को बैंक में राइफलों की बटों, डंडों से पीटा। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस कर्मियाें ने थाने में जंजीर से बांधकर घंटों जमीन पर बिठाए रखा।
जंजीरों से बंधे फौजी की वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो सामाजिक संगठनों ने अफसरों से दोषी पुलिस कर्मियाें के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पीड़ित का आरोप है इतने सब होने के बाद भी पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
नगला गिरधारी निवासी महेश कुमार लखनऊ कैंट में सिग्नल कोर में तैनात हैं। दो दिन से वे कस्बा स्थित स्टेट बैंक में रुपये की बदलने के लिए चक्कर काट रहे थे। जब तक उनका नंबर आता तब तक बैंक में करंसी खत्म हो जाती। महेश ने बताया कि शुक्रवार शाम को बैंक गार्ड ने सुबह पौने दस बजे आने के लिए उनसे कहा। शनिवार सुबह जब वह पौने दस बजे बैंक गार्ड के पास पहुंच गए, उस समय बैंक में लंबी लाइन लगी हुई थी। गार्ड ने उन्हें आश्वासन दिया कि थोड़ी देर गेट के पास खड़े रहें और पैसे बदलवा देगा।
पीड़ित का आरोप है कि तभी वहां मौजूद एक उपनिरीक्षक ने उनसे गाली-गलौज करते हुए उन्हें घसीटना शुरू कर दिया, जिसके बाद दोनाें में हाथापाई होने लगी। पास ही खड़े पुलिसकर्मियों ने उन्हें दबोच लिया और राइफल की बट, डंडे से पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद सिपाहियों ने उन्हें जीप में डाला और थाने ले गए।
थाने में भी उनके साथ मारपीट की गई और जंजीर से बांधकर बिठा दिया। पीड़ित का आरोप है कि एक सिपाही ने थाने में उसके सिर पर जूता तक दे मारा। इस मारपीट की घटना में उसके 4 हजार रुपये कहीं गिर गए। पूर्व फौजी भाई सुभाष को भी पुलिस ने थाने से भाग दिया।
सोेशल मीडिया पर जब जंजीरों में जकडे़ फौजी का वीडियो वायरल हुआ तो सामाजिक संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस के आला अफसरों से दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की और कार्यवाही न करने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी दी है। उधर, पुलिस ने फौजी के विरुद्ध 323, 332, 353 और 504 में रिपोर्ट दर्ज कर देर शाम थाने से जमानत पर रिहा कर दिया है।
रविवार को फौजी लखनऊ लौटेगा और अपने अफसराें को पूरा घटना क्रम बताएगा।
इस संबंध में सीओ अतरौली विजयेंद्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि जहां तक मुझे जानकारी है फौजी बैंक में किसी को घुसने नहीं दे रहा था। जबरदस्ती कर रहा था। मना करने पर उसने सिपाही तथा दरोगा से हाथापाई की। फौजी को जूता मारने तथा उसके परिजनों से अभद्रता की जानकारी मुझे नहीं है।