तीन मार्च को होने जा रहे अलीगढ़ स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के लिये इन दिनों जनपद में आदर्श आचार संहिता लागू है। इसके चलते न तो सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रचार प्रसार हो सकता है और न ही कोई भी लालबत्ती धारी जनप्रतिनिधि लालबत्ती लगी गाड़ी से दफ्तर के सिवाय कहीं और जा सकता है। लेकिन जनपद में इसके ठीक उलट हो रहा है।
सरकारी कार्यक्रम मानी जाने वाले अलीगढ़ महोत्सव 2016 राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी में सपा सरकार की योजना, नीति एवं जनकल्याणकारी कार्यों का बखान करने के लिये उत्तर प्रदेश सूचना आयोग के निर्देश पर 15 फरवरी से मोबाइल वैन लगातार घूम रही है तो गांधी पार्क बस स्टेंड के सामने भी लगी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सरकार का प्रचार प्रसार हो रहा है।
ऐसे में अफसरों की चुप्पी से तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गरम है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विधानसभा पूरनचंद्र तिवारी ने स्वीकार किया कि आचार संहिता के दौरान सरकारी प्रचार प्रसार नहीं हो सकता है। जनप्रतिनिधि भी लाल बत्ती लगी गाड़ी से मात्र दफ्तर तक जा सकता है।
जनप्रतिनिधि भी कम नहीं
अलीगढ़। आचार संहिता की धज्जियां उड़ाने में जनप्रतिनिधि भी पीछे नहीं हैं। वह नियमों के विपरीत लाल बत्ती लगी गाड़ी से सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। नुमाइश में शुक्रवार को भी आयोजित एक कार्यक्रम में एक जनप्रतिनिधि लाल बत्ती लगाकर पहुंचे।
एमएलसी चुनाव के वोटर
जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, नगर निगम पार्षद, नगर पंचायत एवं नगर पालिका के सभासद, मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष, प्रधान, एमएलए, एमपी, एमएलसी।