ब्लॉक प्रमुखी को लेकर सियासी खेमेबंदी इस कदर जारी है कि जिले के लोधा ब्लाक की प्रमुखी ताकतवरों की नाक का सवाल बन गई है। इसी क्रम में जिला कारागार में निरुद्ध लोधा ब्लॉक से दावेदारी ठोक चुके जिले के ताकतवर हरेंद्र सिंह एडवोकेट को यहां से कासना जेल शिफ्ट कर दिया गया।
यह कार्यवाही प्रशासनिक आधार पर बेहद गोपनीय तरीके से रविवार तड़के करीब पांच बजे की गई। हरेंद्र के साथ-साथ तीन अन्य बंदियों को भी यहां से शिफ्ट किया गया है। इस कार्यवाही को लेकर जिले में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
जिन बंदियों को शिफ्ट किया गया है उनमें बसपा नेता व बिल्डर धर्मेंद्र चौधरी हत्याकांड में साजिश के आरोपी हरेंद्र सिंह यहां से कासना गौतमबुद्ध नगर जेल, कचहरी में होशियार सिंह हत्याकांड के आरोपी अविनाश सिंह को बुलंदशहर जिला जेल भेजा गया है।
सासनी गेट के प्रापर्टी डीलर राकेश हत्याकांड के आरोपी चंद्रभान को एटा व अतरौली के चकाथल की चर्चित रंजिश से जुड़े वीरेंद्र उर्फ बिट्टू को मथुरा जिला कारागार शिफ्ट किया गया है। इनके शिफ्टिंग आदेश पर डीएम डॉ. बलकार सिंह ने शनिवार को आदेश किए और रविवार तड़के पांच बजे चारों को यहां से अलग-अलग वाहनों में संबंधित जेल भेज दिया गया। इस शिफ्टिंग की वजह बेशक प्रशासनिक आधार बताई गई है, मगर इसे लेकर तमाम चर्चाएं हैं।
कहा जा रहा है कि हरेंद्र सिंह ने लोधा ब्लाक प्रमुख पद पर दावेदारी ठोक दी थी और कहीं न कहीं हरेंद्र सिंह द्वारा जेल में रहकर ब्लाक प्रमुखी से जुड़ी सियासी गतिविधियों के संचालन की आशंका थी। वहीं अविनाश, चंद्रभान व बिट्टू की आपराधिक गतिविधियों को लेकर यह निर्णय लिया गया है।
प्रशासनिक आधार पर हुई इस कार्यवाही की पुष्टि खुद जेल के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. वीरेश राज ने की है। बता दें कि इससे पहले लोधा ब्लाक पर सपा से प्रबल दावेदार गिरीश यादव के स्तर से खुद की सुरक्षा को आशंका जताया गया था और वह सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री तक से मिले थे। इसके बाद गिरीश यादव को सुरक्षा गनर तक मुहैया कराया गया था।