टप्पल थाना क्षेत्र के अलीगढ़-पलवल मार्ग पर गांव हामिदपुर में ढाबा चलाने वाले दो सगे भाइयों को उनके ही एक साथी ने फोन कर जट्टारी बुलाया। इसके बाद दोनों की हत्या कर दी। शव समीप के गांव उसरह रसूलपुर स्थित एक सूखे तालाब में गाड़ दिए। शनिवार को तालाब में मिट्टी खोदने गई एक महिला को इसकी जानकारी होने पर मामला उजागर हुआ। एक के सिर में चोट है, जबकि दूसरे के शरीर में किसी तरह के निशान नहीं पाए गए हैं। इस मामले में मृतक के पिता ने तहरीर दी है।
टप्पल थाना प्रभारी संजय पांडेय के अनुसार शव करीब चार दिन पुराने हैं। दोनों शव मिट्टी में करीब ढाई फिट नीचे दबाए गए थे। मामेंद्र (29) के सिर पर चोट है, जबकि शिवकुमार (27) के शरीर में एक भी चोट का भी निशान नहीं है। पिता उदयवीर सिंह निवासी राऊपुर थाना पिसावा की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि चार दिसंबर की रात मोंटी उर्फ मोनू पुत्र प्रहलाद निवासी जट्टारी ने फोन कर दोनों पुत्रों को अपने पास बुलाया था, जिसके बाद दोनों घर नहीं लौटे। मोंटी की दोनों भाइयों से जान पहचान थी।
आरोपी और दोनों मृतक भाई अपराधी थे। किसी बात पर आरोपियों और मृतकों के बीच विवाद था। पिसावा थाने के गांव राऊपुर में ढाई साल पहले हुई एक हत्या में मृतक शिवकुमार मुख्य आरोपी था। अपराधियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
- अनुज चौधरी, सीओ खैर।
माता-पिता बरामदगी की लगा रहे थे गुहार, मिले शव
मामेंद्र और शिवकुमार के पिता उदयवीर सिंह पांच दिसंबर से ही बेटों के लापता होने से परेशान होकर पुलिस के पास चक्कर काट रहे थे। मोंटी उर्फ मोनी पर बेटों का अपहरण करने की आशंका जताते हुए टप्पल थाने में तहरीर भी दी थी, लेकिन पुलिस ने उनकी फरियाद पर ध्यान नहीं दिया। सात दिसंबर को उदयवीर परिवार के साथ फिर थाने में पहुंचे तो देर रात पुलिस ने मामेंद्र और शिवकुमार के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। शनिवार की सुबह से फिर पूरा परिवार थाने में दोनों भाइयों की खोजबीन के लिए पुलिस से मांग करने पहुंच गया था, लेकिन दोपहर बाद दो बजे दोनों भाइयों की लाशें मिलीं।
बताते हैं कि उसरह रसूलपुर स्थित एक सूखे तालाब में शनिवार को एक महिला मिट्टी खोदने पहुंची थी। कुछ दूरी पर इस महिला को खुदी हुई मिट्टी नजर आई। खुदाई में अधिक मेहनत न करनी पड़े इसलिए वह महिला उस स्थान पर पहुंच गई और खुदी हुई मिट्टी उठाने लगी। कुछ मिट्टी हटाने पर उसे जमीन में गड़े दो शव नजर आए तो चीख निकल गई। उसने गांव वालों को जानकारी दी तो लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर जट्टारी चौकी इंचार्ज, टप्पल थाना प्रभारी के साथ खैर सीओ अनुज चौधरी भी पहुंच गए। उधर दोनों के परिजन भी सूचना पर वहां पहुंचे तो बेटों के शव देखकर फफक पड़े। दो हत्याओं से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जट्टारी चौकी घेर ली। शाम में एसपी देहात और एसएसपी अजय कुमार साहनी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि हत्या आरोपी जल्द ही पकड़े जाएंगे। ग्रामीणों की भीड़ और आक्रोश को देखते हुए बड़ी संख्या में अन्य थानों से भी फोर्स मौके पर बुला ली गई थी।
अपने गांव में हुई हत्या में मुख्य आरोपी था शिवकुमार
मामेंद्र और शिवकुमार पुत्र उदयवीर सिंह मूलरूप से पिसावा थाना क्षेत्र के गांव राऊपुर के निवासी थे। राऊपुर गांव में करीब ढाई साल पहले विपिन पुत्र योगेंद्र की हत्या हुई थी। इस हत्या में शिवकुमार मुख्य आरोपी था। इससे गांव में भी रंजिश थी। उधर गांव वाले बताते हैं कि कुछ साल पहले उदयवीर सिंह का पूरा परिवार राऊपुर गांव छोड़कर हामिदपुर गांव में रहने लगा था। अलीगढ़-पलवल मार्ग पर पड़ने वाले हामिदपुर गांव में दोनों भाई मामेंद्र और शिवकुमार ढाबा चला रहे थे।
बसेरा निवासी सगी बहनों से हुआ था विवाह
मामेंद्र और शिवकुमार का विवाद दो सगी बहनों के साथ हुआ था। लीलू और अनीता पुत्री राजवीर निवासी बसेरा थाना पिसावा के साथ दोनों की शादी हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हैं। राऊपुर समेत कुछ लोगों से दोनों भाइयों की रंजिश चल रही थी।