हत्या होते ही पूरे कस्बे में सनसनी फैल गई। जिसे सूचना मिली वही भागते हुए मौके की ओर पहुंचा। थाना पुलिस भी पहुंच गई लेकिन पुलिस अधिकारियों के न पहुंचने से नाराज लोगों ने रात करीब 11 बजे कस्बे में अलीगढ़-पलवल मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम ब्रज प्रांत के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के मंत्री दिनेश एडवोकेट के नेतृत्व में लगाया गया। एसओ टप्पल संजय पाण्डेय ने 24 घंटे के भीतर हत्यारोपी की गिरफ्तारी के आश्वासन पर जाम खुलवाया।
भाजपा टप्पल के मंडल महामंत्री पं. विजय शर्मा का बेटा नमन शर्मा दो बहनों के बीच इकलौता भाई था। इसी साल उसने जट्टारी कस्बे के श्रीजी पब्लिक स्कूल से हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी। पढ़ने में होनहार नमन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का स्वयं सेवक भी था। देर रात जेवर से शव आते ही मां बेहोश होकर गिर पड़ी। बहनों का भी रो रोकर बुरा हाल था। एक ओर बेटे का शव और दूसरी ओर पत्नी व बेटियों की बदहवास स्थिति के बीच किसी तरह पिता स्वयं को संभालते और आंसू बहाते रहे।
बताते हैं कि शादी समारोह से लौटते समय हमलावर ने पीछा किया। वह बाइक से घर लौटा था। मोहल्ला पांच विसा में दरवाजे से महज पांच कदम की दूरी और जट्टारी चौकी से महज 300 मीटर की दूरी पर गोली मारकर हत्या की गई है। नमन की बाइक पास ही पड़ी थी। संकरी गली में बाइक दीवार के सहारे खड़ी थी।
ऐसी भी संभावना जताई जा रही है कि पीछा कर रहे हमलावर से बचने के लिए नमन भागा होगा, लेकिन घर के अंदर नहीं घुस पाया। भाजपा नेता के बेटे की हत्या से लोगों में आक्रोश फैल गया। हत्या जैसी वारदात के बावजूद मौके पर एक दो घंटे तक पुलिस अधिकारी नहीं पहुंचे।
इससे गुस्साए लोगों ने अलीगढ़-पलवल मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब ढाई-तीन सौ लोगों की भीड़ जाम लगाए थी। यह बेहद व्यस्त मार्ग है, जिसके चलते सड़क पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। भाजपा ब्रज प्रांत के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के मंत्री दिनेश एडवोकेट भी मौके पर पहुंच गए थे। पं. विजय शर्मा का परिवार सीधा साधा बताया जा रहा है। उनका विवादों से कभी कोई नाता नहीं रहा। नमन शर्मा भी सीधा था।
हत्या के करीब दो घंटे बाद तक जट्टारी चौकी और टप्पल थाना पुलिस तक मौके पर नहीं पहुंची थी। वारदात के बाद सोफा चौकी की पुलिस जाम की सूचना पर पहुंची तो लोगों का आक्रोश देखकर सोफा चौकी पुलिस उल्टे पांव लौट गई।
आरोपी की गिरफ्तारी की मांग पर जाम
जाम लगाए लोगों का कहना था कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, सड़क जाम रहेगा, न ही कस्बे का बाजार खुलेगा। पड़ोसी गांव का हत्या आरोपी बताया जा रहा है। उधर पुलिस की निष्क्रियता को लेकर भी लोगों में खासा आक्रोश रहा।