अलीगढ़। महानगर के रामघाट रोड स्थित वरुण ट्रामा सेंटर में भरती युवक की दिल्ली ले जाते समय मौत पर परिजन भड़क गए और हंगामा करते हुए तोड़फोड़ व मारपीट कर दी। इस पर स्टाफ की ओर से भी मारपीट पर दो परिजनों के सिर फट गए। इसे लेकर विवाद भड़क गया और हंगामा बढ़ गया। खबर पर पुलिस व गांव से काफी संख्या में परिजन एकत्रित होकर पहुंच गए। बाद में पुलिस दोनों पक्षों को शांत करते हुए अपने साथ थाने ले आई। जहां दोनों ओर से समझौते के प्रयास चल रहे थे।
बताया गया है कि गांव गड़राना निवासी किसान राजवीर सिंह का 20 वर्षीय इकलौता बेटा हिमांशू पिछले कई दिन से बीमार था। स्वाइन फ्लू की शिकायत पर उसे दो दिन पहले यहां ट्रामा सेंटर में भरती किया गया था। परिजनों का आरोप है कि लगातार डॉक्टर से बात चल रही थी कि अगर स्थिति नियंत्रण में न हो तो वह रेफर कर दें। हम लोग उसे दिल्ली ले जाएंगे। मगर डॉक्टर ने सोमवार को अंतिम समय में हाथ खड़े करते हुए रेफर किया और एंबुलेंस में रखने से पहले ही उसकी मृत्यु हो गई।
बस इसी बात पर भड़के परिजनों ने वहां हंगामा खड़ा कर दिया और शीशे आदि तोड़ दिए। विरोध में आए स्टाफ से मारपीट की तो स्टाफ ने भी जवाब में मारपीट शुरू कर दी। इस मारपीट में नर्सिंग होम के एक सफाई कर्मी के चोट आ गई, जबकि हिमांशू के मौसी-मौसा राजेंद्र व ऊषा के सिर फट गए। हंगामे की खबर पर क्वार्सी पुलिस, सीओ तृतीय व गांव से परिजन एकत्रित होकर आ गए। कुछ देर तो पुलिस के सामने भी हंगामा चला।
जिस वक्त हंगामा व मारपीट हुई, उस समय डॉ.संजय भार्गव भी अपनी विष्णुपुरी स्थित यूनिट में थे। वह भी दौड़े चले आए। मृतक पक्ष से परिचय होने के नाते पूर्व विधायक विवेक बंसल भी आ गए। पुलिस ने जैसे-तैसे हंगामा शांत कराया और दोनों पक्षों को थाने भिजवाया। जहां देर रात तक समझौते के प्रयास चल रहे थे। एसओ क्वार्सी के अनुसार पुलिस ने दोनों पक्षों को तहरीर देने की बात कही है। मगर कुछ संभ्रांत लोग मामले को निपटाने के लिए प्रयासरत हैं। तोड़फोड़ के बाद मारपीट दोनों पक्षों से हुई है।
-यह सही है कि बच्चे की हालत नाजुक थी। मगर परिवार को हर स्थिति से वाकिफ कराया गया था। परिजन भी सहमत थे। डॉक्टर के पेशे के अनुसार हमने जी-जान लगाकर इलाज किया। मगर अचानक रेफर करते समय बच्चे की मौत हो गई। मैं परिवार को समझाकर विष्णुपुरी गया था। तभी अचानक यह घटनाक्रम हुआ। स्टाफ के सफाईकर्मी से मारपीट पर उन्होंने भी मारपीट कर दी। जिसका बच्चा जाता है, उस पक्ष ने आवेष में कुछ कह दिया। बच्चे के परिजन भी परिचित हैं। हमारा प्रयास बात खत्म करने का है। अब जो तय होगा, उसके अनुसार निर्णय लिया जाएगा।-डॉ.संजय भार्गव निदेशक वरुण हॉस्पिटल