एएमयू छात्र संघ के उपाध्यक्ष नदीम अंसारी ने फारेन लांग्वेज विभाग के शिक्षक के साथ अभद्र व्यवहार किया था। इसके साथ ही संघ के सचिव नबील उस्मानी ने एसएस साउथ हॉल के प्रवोस्ट के साथ अपमानजनक व्यवहार किया था। इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट में की गई है। एएमयू प्रशासन के पास जांच रिपोर्ट पहुंचने के बाद कैंपस में खलबली मच गई है। आने वाले समय में छात्र नेताओं की मुसीबत बढ़ने की आशंका है।
कुछ महीने पहले एएमयू छात्र संघ के उपाध्यक्ष नदीम अंसारी पर फारेन लांग्वेज विभाग के शिक्षक के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा था। इसके साथ ही छात्र संघ के सचिव नबील उस्मानी पर एसएस साउथ हॉल के प्रवोस्ट के साथ अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगा था। फारेन लांग्वेज विभाग का मामला सामने आने के बाद एएमयू के शिक्षक गोलबंद हो गए थे। शिक्षकों के असंतोष को थामने के लिए एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह को एग्जीक्यूटिव काउंसिल (ईसी) की बैठक बुलानी पड़ी थी। इसमें शिक्षक के साथ-साथ आरोपी छात्र संघ के उपाध्यक्ष नदीम अंसारी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था।
ईसी की संस्तुति पर इस मामले की जांच जंतु विज्ञान के प्रोफेसर इकबाल परवेज को सौंप दी गई थी। प्रो. इकबाल परवेज ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों की मानें तो इसमें फारेन लांग्वेज विभाग के शिक्षक एवं एसएस साउथ हॉल के प्रवोस्ट के साथ अभद्र व्यवहार की पुष्टि हुई है। कहा तो यह भी जा रहा है कि एसएस साउथ हॉल का मामला सीसीटीवी फुटेज में कैद है, जिसकी रिकार्डिंग इंतजामिया के पास है। एएमयू रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर ने बताया कि छात्र संघ उपाध्यक्ष नदीम अंसारी से संबंधित जांच समिति की रिपोर्ट मिल गई है। नबील उस्मानी से संबंधित रिपोर्ट के बारे में ठीक से याद नहीं है। इस संबंध में एएमयू छात्र संघ उपाध्यक्ष नदीम अंसारी का कहना है कि मामला खत्म हो गया है।
इधर जांच रिपोर्ट आने के बाद छात्र संघ नेताओं की गर्दन फंसती नजर आ रही है। वर्तमान यूनियन के कार्यकाल के दौरान उनके पदाधिकारियों के खिलाफ यह पहली जांच है। जानकार लोगों का कहना है कि दोषी पाए गए छात्र नेता संबंधित शिक्षक से माफी मांगकर मामला रफा-दफा नहीं कराते हैं तो उनकी परेशानी बढ़ सकती है।