एएमयू कैंपस के अंदर और बाहर चल रही गैंगवार पर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कैंपस में वर्चस्व स्थापना और अपनी दहशत पैदा करने के मकसद से एक पूर्व छात्र की अगुवाई में एक गैंग ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम दे रहा था। जो भी गैंग की राह में आड़े आ रहा था, उस पर हमला कर उसे रास्ते से हटाया जा रहा था। पुलिस ने गैंग के सरगना सहित 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक जेएन मेडिकल कॉलेज का लैब टेक्नीशियन है। सरगना सहित तीन एएमयू के पूर्व छात्र हैं। इनसे बंदूक, पिस्टल, तमंचों सहित भारी संख्या में कारतूस व दो कार बरामद हुई हैं।
इस गैंग ने पूछताछ में एएमयू के पीवीसी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पर हमलों के अलावा कैंपस से जुड़ी पिछले करीब एक साल की हमले, लूट और अपहरण आदि की 9 वारदात करना स्वीकारा है। एएमयू के एक मौजूदा छात्र सहित इस गैंग के चार सदस्य फरार हैं, जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
एसएसपी राजेश पांडेय ने शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि बुधवार रात पुरानी चुंगी पर एएमयू छात्र पर फायरिंग की घटना के बाद से एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव व सीओ तृतीय संजीव दीक्षित के नेतृत्व पुलिस टीम कैंपस के अंदर व बाहर आए दिन हो रही फायरिंग आदि की घटनाओं पर काम कर रही थी। इसी बीच शनिवार तड़के इंस्पेक्टर सिविल लाइंस जावेद खान व टीम ने फिरदौस नगर पुल स्थित मीना मस्जिद के पास सेंट्रो व बोलैरो सवारों से मुठभेड़ हो गई। इस दौरान फायरिंग में दरोगा तसब्बुर अली बाल-बाल बच गए। मौके से 8 बदमाशों को दबोच लिया गया। इस दौरान कुछ साथी भाग जाने में सफल रहे।
एसएसपी के अनुसार थाने लाकर जब इनसे पूछताछ हुई तो कई खुलासे हुए। इनमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि बुधवार रात एएमयू छात्र नौशाद पर हमला तो रालोद नेता जियाउर्रहमान आदि ने किया, मगर उस हमले में नौशाद जख्मी नहीं हुआ। वह नौशाद पर हवाई फायरिंग कर भाग गए। बाद में गैंग सरगना फैसल मुस्तफा ने एएमयू के लैब टेक्नीशियन की मदद से उसके घर पर नौशाद के गोली प्लांट कराई और फिर उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंच गया। जहां पुलिस पर जिया व एक अन्य एएमयू छात्र फैज आदि को नामजद कर उनकी गिरफ्तारी का दबाव बनाया।
फैज का नाम इसलिए शामिल किया, क्योंकि दो-तीन दिन पहले फैज को बोलैरो से अगवाकर इसी गैंग ने बेरहमी से पीटा और उसे अधमरा कर अंबेडकर हॉल के बाहर फेंक दिया। फैज की ओर से फैसल पर अपहरण, लूट आदि का मुकदमा दर्ज कराया गया था। फैज व जिया पर दबाव बनाने के लिए यह गोली प्लांट कराकर पुलिस पर उनकी गिरफ्तारी का दबाव बनाया। इस टीम में इंस्पेक्टर के अलावा एसआई अफसर खान, तसब्बुर अली, इसरार अहमद, मुकेश बाबू, अमित कुमार, राजीव कुमार, जितेंद्र कुमार के अलावा सिपाही सचिन मलिक, विकास बालियान, शिमाल अहमद, हर्ष चौहान आदि शामिल रहे। एसएसपी ने इस टीम को 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
यह 8 बदमाश किए गिरफ्तार
गैंग सरगना मो.फैसल खान उर्फ फैसल मुस्तफा निवासी फ्लैट नंबर 66 अलीग अपार्टमेंट शमशाद मार्केट सिविल लाइंस, मो. सुएब हाल निवासी बी 6 अलहम्द अपार्टमेंट सर सैय्यद नगर सिविल लाइंस मूल निवासी मकान नंबर 58 स्टेट बैंक कालोनी हापुड़ रोड लिसाड़ी गेट मेरठ, सलमान निवासी वार्ड नंबर 21 ख्वाजा रोड ककराला थाना अलापुर जिला बदायूं हाल पता पिंक अपार्टमेंट हाथी डूबा सिविल लाइंस, दिपांशू श्रीवास्तव उर्फ डालर निवासी बी 2-4/167 भमौला माफी सिविल लाइंस, मुमताज आलम निवासी ।-2 पिंक अपार्टमेंट हाथी डूबा, रितिक निवासी नगला बरौला बाई पास पुल के नीचे बन्नादेवी, मो. अकरम उर्फ टिप्पा निवासी जमालपुर गोल मार्केट सिविल लाइंस, रजत सिह निवासी वैष्णो कालोनी सुरेंद्र नगर क्वार्सी के अलावा लैब टेक्नीशियन सूरज कुमार निवासी नगला पटवारी शामिल हैं।
लालच में आया लैब टेक्नीशियन, पुराने हमलों की जांच
एसएसपी ने बताया कि रालोद नेता जिया व फैसल के झगड़े के बाद जब जिया ने गोली चलाई। वह हमला सफल नहीं हुआ तो यह लैब टेक्नीशियन सूरज के घर गए। उसे घर की बाउंड्री कराने का लालच देकर डायलेकिन टू पर्सन नामक केमिकल से कमर को सुन्न कर गोली प्लांट कराई। सूरज ने बेशक पहली बार यह किया। मगर गैंग में इसके दोस्त हैं। पुराने हमलों में गोली प्लांट करने की भी जांच होगी।