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एएमयू बवाल : जेल गए तालिब की जमानत खारिज, छात्र आक्रोशित

Thu, 21 Feb 2019 01:20 AM IST
राजेश सिंह क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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एएमयू - फोटो : Amar Ujala
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 एएमयू सर्किल और रजिस्ट्रार दफ्तर के बाहर 12 फरवरी को भाजपा विधायक पौत्र छात्रनेता अजय सिंह व भाजयुमो मीडिया प्रभारी डॉ. निशित शर्मा पर हमले के मामले में जेल भेजे गए एएमयू छात्र मो. तालिब की जमानत याचिका निचली अदालत से खारिज कर दी गई है। याचिका पर बुधवार को एसीजेेएम-9 कुलदीप कुमार ने सुनवाई की। इधर, याचिका खारिज होने की खबर पर शाम को एएमयू के छात्र एक बार फिर आक्रोशित हो उठे और बाब-ए-सैयद बंद कर जाम दिया। हालांकि तीन घंटे बाद देर रात छात्र वहां से हट गए। इस दौरान कलेक्ट्रेट में छात्रों व पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के बीच चर्चा भी हुई।
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मो. तालिब पुत्र तसब्बुर अली निवासी जमालपुर हमदर्द नगर, सिविल लाइंस की रविवार रात को गिरफ्तारी हुई थी। मो. तालिब बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। छात्र की गिरफ्तारी के बाद छात्रसंघ पदाधिकारियों सहित सैकड़ों छात्रों ने बन्नादेवी थाने का घेराव किया था। मो. तालिब को छोड़ने की मांग की थी। हालांकि एसएसपी द्वारा उसकी गिरफ्तारी के संबंध में साक्ष्य पेश करने पर समर्थन में आए छात्र और पदाधिकारी बैकफुट पर आए थे। छात्र के अधिवक्ता की ओर से सीजेएम न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की गई, जिसकी सुनवाई एसीजेएम-9 के न्यायालय में हुई, जहां अभियोजन पक्ष के विरोध के चलते याचिका को खारिज कर दिया गया। अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे एपीओ कुलदीप कुमार का तर्क था कि तालिब ने मारपीट, तोड़फोड़ व वाहनों में आगजनी की, जिससे दो वर्गों में वैमनस्यता पैदा हुई। ऐसे में यह आरोप जमानत देने योग्य नहीं है। इधर, दोपहर में जैसे ही तालिब की जमानत खारिज होने की खबर एएमयू छात्रों को मिली तो शाम को यह छात्र एकत्रित होकर बाब-ए-सैयद पर पहुंच गए। जहां नदीम अंसारी आदि के नेतृत्व में जाम लगाकर गेट बंद कर दिया।  इसे लेकर प्रॉक्टोरियल टीम की चिंता फिर बढ़ गई है। 




जिलाधिकारी एवं एसएसपी से वार्ता के बाद छात्र आश्वस्त थे कि बुधवार को बवाल के आरोप में गिरफ्तार ताबिश को जमानत मिल जाएगी। मगर न्यायालय में उसकी जमानत खारिज होने के बाद छात्रों की सरगर्मी बढ़ गई। कुछ छात्र बाब-ए-सैयद पर पहुंच गए और बाइक व बैरियर आदि लगाकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया। हालांकि एएमयू छात्र संघ का इस विरोध-प्रदर्शन का साथ नहीं मिला। इस मुद्दे को लेकर छात्र नेता कलेक्ट्रेट में अधिकारियों से मिले, लेकिन छात्र नेता मुलाकात को स्वीकार नहीं रहे हैं। रात्रि करीब नौ बजे गेट खोल दिया गया। छात्रों के बीच उपाध्यक्ष हमजा सुफयान व सचिव हुजैफा आमिर मौजूद थे। एएमयू प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान का कहना है कि मामला न्यायालय में है। छात्रों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। एएमयू छात्र संघ के सचिव हुजैफा आमिर का कहना है कि न्यायालय में मामला है और पूरी उम्मीद है कि उनके हक में फैसला आएगा। कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
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