एएमयू के बीएसडब्ल्यू छात्र आलमगीर की हत्या आशुतोष मिश्रा-मुनीर गैंग ने की है। पुलिस इस एेंगल से छानबीन में लगी है। इसके साथ हत्या के तमाम कारणों की कड़ियां भी मिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इस क्रम में नॉन टीचिंग स्टाफ क्लब में प्रॉक्टोरियल टीम द्वारा छापेमारी से हुए विवाद की भी समीक्षा की जा रही है। आलमगीर के परिवार का भी मानना है कि छापेमारी के दौरान आलमगीर का कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था। इसे आधार मानकर पुलिस ने प्रॉक्टर कार्यालय से पकड़े गए लोगों की सूची मांगी है।
क्या हुआ था छापेमारी में
आरोप है कि एएमयू का नॉन टीचिंग स्टाफ क्लब जुआ व शराब का बड़ा अड्डा बन गया है। यहां बाहरी लोग जुआ खेलने के लिए आते हैं। इसकी शिकायत कई बार प्रॉक्टर कार्यालय और पुलिस के आला अधिकारियों को दी जा चुकी है। इन शिकायतों के आधार पर 12 सितंबर की देर रात प्रॉक्टरोयिल टीम ने क्लब में छापा मारा था। बताते हैं कि उस दौरान आलमगीर भी टीम के साथ था और उसकी वहां पकड़े गए कुछ रसूखदारों से झड़प भी हुई थी। इस छापेमारी में करीब 30 लोग मौजूद थे। जिनमें से 15 पकड़े गए थे। शेष भागने में सफल हो गए थे। तलाशी में वहां से ताश की गड्डी, शराब की बोतलें, विशेष प्रकार के नशे की सिगरेट आदि आपत्तिजनक वस्तुएं मिली थीं। बाद में पकड़े गए लोगों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया।