क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर की धनीपुर मंडी से धान भरे ट्रक को लेकर दिल्ली रवाना हुए चालकों ने रास्ते में ट्रक सहित धान के लूटने की फर्जी अफवाह फैला दी। लूट की सूचना से धान मालिक के होश उड़ गए। व्यापारी ने चालक-परिचालक को मंडी में बुलाकर कड़ी पूछताछ की तो उन्होंने धान को रास्ते में ही बेचने की बात कुबूली। साथ ही ट्रक को भी कटवाने की बात सामने आ रही है।
हालांकि खुलासे के बाद परिचालक मौके से फरार हो गया। व्यापारी ने चालक को थाना गांधी पार्क पुलिस के सुपुर्द कर दिया। मगर, पुलिस द्वारा इस मामले में रिपोर्ट नहीं लिखे जाने से नाराज अनाज मंडी के अन्य आढ़ती भी थाने पर पहुंच गए। दबाव बनाने पर पुलिस ने उनकी तहरीर ली। इस मामले में ट्रक का मुख्य आरोपी हिरासत में है। अन्य की तलाश की जा रही है।
शंभूदयाल वार्ष्णेय की धनीपुर अनाज मंडी में आढ़त है। बुधवार रात को उन्होंने वीरपाल सिंह के ट्रक में नौ लाख कीमत के 456 बोरे धान के लोड कराए। ट्रक को चालक सहदेव और सुरेश बाबू उर्फ बिल्ला निवासी नगला कलार दिल्ली लेकर रवाना हुए। धान दिल्ली के एक व्यापारी के यहां गुरुवार सुबह पहुंचना था। मगर धान वहां नहीं पहुंचा।
शंभूदयाल ने बताया कि उन्होंने सुबह सहदेव से जानकारी ली तो उसने बताया कि वह रात को हेल्पर नहीं होने के कारण अलीगढ़ से ट्रक लेकर नहीं निकला था। गुरुवार रात को उसने ट्रक लेकर दिल्ली जाने की बात कही। मगर, अगले दिन वह सुबह तक वहां नहीं पहुंचा तो उसके मोबाइल पर फोन किया, लेकिन नंबर बंद जाने लगा। शनिवार सुबह ट्रक मालिक वीरपाल ने फोन पर सूचना दी कि चालक यमुना एक्सप्रेस-वे से दिल्ली में घुसते ही ट्रक सहित धान लूटने की सूचना दे रहे हैं।
लूट की सूचना पर शक होने पर दिल्ली की नरैला अनाज मंडी में फोन करके मामले की जानकारी ली तो वहां के कुछ व्यापारियों ने बताया कि आज सुबह ही मंडी में 456 बोरे धान सेे भरा एक ट्रक पहुंचा था। धान ट्रक चालक-परिचालक बेचकर गए थे। इधर, वीरपाल सिंह दोनों चालकों को लेकर धनीपुर मंडी पहुंच गए। वहां आढ़ती ने चालकों ने कड़ाई से पूछताछ की तो ड्राईवरों ने कबूला की उन्होंने धान को पांच लाख में बेच दिया। ट्रक भी ठिकाने लगा दिया है।
इस वारदात में लोकेंद्र शर्मा नाम का एक अन्य शख्स भी उनके साथ था। इस संबंध में इंस्पेक्टर गांधीपार्क से काफी प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं हो सका।
पुलिस के रवैये से नाराज अनाज व्यापारी
सहदेव और बिल्ला की सूचना शंभूदयाल ने गांधी पार्क पुलिस को दी। इसी बीच मौका पाकर बिल्ला वहां से फरार हो गया। सहदेव को व्यापारी ने पुलिस के सुपुर्द कर दिया। हालांकि शाम तक इस मामले में एफआईआर और बिल्ला की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज आढ़ती के साथ मंडी के सभी व्यापारी भी आ गए। उन्होंने सीओ द्वितीय नीरज जादौन से मामले की शिकायत की।