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प्रेमिका की हत्या करने वाले प्रेमी ने जान दी

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क्राइम न्यूज, अमर उजाला अलीगढ़।
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क्वार्सी क्षेत्र के बरहेती गांव में बुधवार को घेर में चारा डालने गई प्रेमिका की गला रेतकर हत्या करने वाले प्रेमी ने गुरुवार को खुद भी मौत को गले लगा लिया। युवक ने गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित एक खेत में खड़े नीम के पेड़ पर धोती से फांसी का फंदा बनाया और उस पर झूल गया। सुबह खेत की ओर जा रहे लोगों को निगाह फंदे पर लटके शव पर पड़ी तो क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। इधर, युवक द्वारा खुदकशी की सूचना पाकर परिजन भी रोते-बिलखते वहां पहुंचे। दोपहर बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों के सुपुर्द किया।
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सूरज पुत्र छप्पन निवासी बरहेती, क्वार्सी गांव का रहने वाली कुमकुम से प्रेम संबंध चल रहा था। कुमकुम की शादी दूसरी जगह तय होने से वह खफा था। आठ मार्च को युवती की शादी थी। परिजनों ने लोधा के गांव अखन में उसकी शादी तय की थी। इससे युवक काफी समय से परेशान चल रहा था। बुधवार को पहले उसने अपनी प्रेमिका को मौत के घाट उतारा फिर सुबह खुद भी मौत के फंदे पर झूल गया। पुलिस के अनुसार कुमकुम और सूरज के काफी समय से प्रेम संबंध चल रहे थे।


पता चला है कि दोनों ने मंदिर में शादी भी रचा ली थी। इस बात की भनक युवती के परिजनों को लगी तो उन्होंने कुमकुम की शादी लोधा के गांव अखन निवासी एक युवक से तय कर दी थी। इस बात का विरोध युवक ने युवती के सामने किया। इस पर युवती ने भी युवक से नाता तोड़ने की बात कह डाली। इसी बात से खफा सूरज ने कुमकुम की हत्या करने की ठानी थी।

इधर, हत्या करने के बाद घेर की दीवार कूदकर भागते हुए सूरज को युवती के छोटे भाई अर्जुन ने देख लिया था। वह पुलिस द्वारा पकड़े जाने के डर से भी खौफ में था। खुदकुशी के पीछे यह भी प्रमुख वजह सामने आ रही है। इंस्पेक्टर क्वार्सी के अनुसार फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। बाकी आगे की कार्यवाही जारी है।

घर से जाने की फिराक में थे दोनों
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार सूरज और कुमकुम ने मंदिर में शादी की थी। इसके बाद वह घर से भागने की फिराक में भी थे। मगर, वह भाग पाते इससे पहले ही परिजनों को इस बात की भनक लग गई। परिजनों ने अपनी इज्जत को देखते हुए दोनों को एक ही समाज का होने के बाद भी एक साथ नहीं रहने दिया था।

दो घरों में कोहराम, गांव में नहीं जले चूल्हे
कुमकुम और सूरज के घर मौत से मातम पसर गया। दोनों ही परिवारों ने दो जवान बच्चों की मौत का दुख अपने सिर उठाया। इस दुख में शामिल हुए गांव वाले भी अपने आंसू नहीं रोक सके। इसके कारण गांव के कई घरों में चूल्हे नहीं जले।
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युवक के पिता छप्पन सिंह के अनुसार उनके पांच बेटे और एक बेटी है। सूरज तीसरे नंबर का था। सूरज की मौत के बाद से उसकी मां और बहन की हालत खराब है। उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
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