क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
कलेक्ट्रेट पर सोमवार को जो कुछ हुआ उसमें पुलिस प्रशासन की ओर से दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें एक मुकदमे में पूर्व सांसद, पूर्व विधायक सहित 500 से अधिक आरोपी बनाए गए हैं और दूसरा मुकदमा उन महिलाओं पर किया है, जिन्होंने डीएम की कुर्सी कब्जाई और उनके कार्यालय में गंदगी की।
पहला मुकदमा भमोला चौकी इंचार्ज तसब्बुर अली की ओर से पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह, पूर्व विधायक जमीरउल्लाह, कांग्रेस नेता श्योराज जीवन, राजेश राज जीवन, माहौर समाज आंदोलन समिति संयोजक जगदीश माहौर सहित 500 अज्ञात आरोपी बनाए गए हैं।
इसमें जिला मुख्यालय के बाहर जाम लगाकर सरकारी कार्य में बाधा पैदा करने, हंगामा, अधिकारी और कर्मियों से दुर्व्यवहार करने, गाली देने, माहौल बिगाड़ने जैसे आरोप हैं।
दूसरा मुकदमा अपर नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय से भेजी गई तहरीर पर नितिन की मां सहित अन्य महिलाओं पर है। जिसमें जबरन कलेक्ट्रेट में घुसकर डीएम दफ्तर के अंदर घुसकर उनकी कुर्सी कब्जाने और वहां गंदगी फैलाकर कार्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचने का आरोप है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस जावेद खान ने इन मुकदमों की पुष्टि की है।
आज सुरक्षा की अतिरिक्त व्यवस्था
सोमवार को हुए हंगामेदार और अराजक प्रदर्शन की भनक पर पुलिस प्रशासन को यकायक पुलिस व्यवस्था करनी पड़ी थी। शहर के सभी थानों के अलावा महिला पुलिस बुलानी पड़ी। तब हालात काबू हुए। मगर अब मंगलवार को अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। किसी को कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। अनशन या धरना यथावत चलेगा।
सबूतों का अध्ययन शुरू, हो सकती है गिरफ्तारी
इधर इस हंगामे के बाद पुलिस अब बिना परिवार के किसी सदस्य को लिए उन सबूतों के अध्ययन में जुट गई है, जिनकी बात परिवार कर रहा है। अगर यह तथ्य सही पाए जाते हैं तो एक दो दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है। अन्यथा ऐसा नहीं होगा।