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एएमयू कैंपस में शरण पाते हैं अपराधी..इन पर रोक लगाएं

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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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यह पहला मौका नहीं जब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) परिसर में अपराधियों को संरक्षण मिलने की बात सामने आई हो। इससे पहले भी कई बार एएमयू में अपराधियों को संरक्षण मिलने का शोर मचा था मगर यह पहला मौका है, जब पुलिस ने एएमयू इंतजामियां को पत्र लिखा है कि उनके परिसर में अपराधी संरक्षण पा रहे हैं।

इस पर रोक लगाई जाए। एसपी सिटी द्वारा एएमयू प्रॉक्टर को पत्र भेजे जाने के बाद एएमयू इंतजामियां में खलबली है। कुलपति ने इस संबंध में सभी प्रोवोस्टों को चेतावनी जारी कर दी है कि कभी भी हॉल व हॉस्टलों की चेकिंग हो सकती है।
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दो दिन पहले यानी पहली जनवरी को एसएसपी द्वारा लूट की करीब दर्जन भर खुलासों के संबंध में की गई प्रेसवार्ता में यह तथ्य सामने आया कि गिरफ्तार लुटेरे नितिन शर्मा व अन्य एएमयू के एसएस नार्थ हॉल के कमरा नंबर 42 व 44 में वह शरण पाते थे।

इस खुलासे के बाद एसपी सिटी द्वारा प्रॉक्टर को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि पूर्व में जियाउद्दीन हॉल में तोसीफ नाम के छात्र की गोली लगने से मेडिकल कॉलेज में मौत हुई थी। उस समय भी तीन लड़के नवील हसन, मो.अकबर व रिजवान कैंपस के हॉलों में से ही गिरफ्तार किए गए थे।

इन प्रकरणों की समीक्षा से यह साफ हो रहा है कि एएमयू के हॉल/हॉस्टलों में आपराधिक प्रवृत्ति के लोग निवास कर रहे हैं। चूंकि कैंपस में पुलिस प्रवेश नहीं कर पाती इसलिए यह अपराध करने के बाद यहां शरण पाते हैं। अंत में कहा गया है कि इस पर रोक लगनी चाहिए। कैंपस में बाहरी छात्र शरण न ले पाएं, यह सुनिश्चित किया जाए।

चंद मिनटों में गायब होना बड़ा संदेह
एसएसपी राजेश पांडेय कहते हैं कि पिछले कुछ समय से सिविल लाइंस व क्वार्सी इलाके में एएमयू के इर्द-गिर्द लगातार हो रही लूट व छिनैती की घटनाओं में यह खास था कि बदमाश वारदात के बाद तीन से पांच मिनट के अंतराल पर बाइक सहित गायब हो जाते थे। बदमाशों का सॉफ्ट टारगेट एरिया भी ऐसा था कि नजदीक होने के कारण तुरंत कैंपस में घुसा जा सके। जब ज्यादातर घटनाओं में ऐसा हुआ तो संदेह गया कि बदमाश यहां शरण पाते हैं। इसके बाद एएमयू के इर्द-गिर्द मुखबिरी शुरू की गई और सफलता मिली।

प्रोवोस्ट को सौंपी जांच, होगी औचक चेकिंग
इस पत्र को लेकर एएमयू प्रॉक्टर प्रो.एम मोहसिन खान कहते हैं कि पत्र उन्हें मिला है, जिसका जवाब दे दिया गया है। पत्र मिलने के बाद कुलपति ने संबंधित मामले में प्रोवोस्ट को जांच सौंपी है कि अपराधी संबंधित छात्र के कमरे में कैसे ठहरे हुए थे। साथ ही सभी प्रोवोस्टों को कहा गया है कि कभी भी औचक चेकिंग अभियान चलाया जा सकता है।

नई गैंगवार के अंदेशे पर पुलिस अलर्ट
अलीगढ़। कुख्यात मुनीर व सोनू गौतम गैंग से जुड़े गिरफ्तार नितिन शर्मा द्वारा पुलिस पूछताछ में यह खुलासा किया गया कि वह बाइकर्स शरद गोस्वामी का करीबी था। उसकी हत्या के बाद से वह शरद की हत्या में जेल गए सजल की हत्या की प्लानिंग बना रहा था। इसी प्लानिंग के लिए रकम एकत्रित की जा रही है।
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अब लगभग वह समय आ गया था, जब सजल चौधरी की पुलिस अभिरक्षा में हत्या की जाती। एसएसपी ने बताया कि सजल की हत्या की प्लानिंग का खुलासा होने पर अब सजल की पेशी पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। बता दें कि महानगर के रामघाट रोड के बाइकर्स की गैंगवार में शरद की हत्या हुई थी। शरद की हत्या का बदला सजल को मार कर लिए जाने की प्लानिंग का खुलासा होने पर उसकी सुरक्षा पुख्ता करने की तैयारी है। उसकी जेल दीवानी में पेशी पर विशेष ध्यान रखा जाएगा।
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