न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पीआरओ ऑफिस में पत्रकार डॉ. जसीम मोहम्मद पर हुए हमले एवं दुर्व्यवहार मामले की जांच के लिए पहुंची भारतीय प्रेस परिषद द्वारा गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सदस्य कुलपति एवं सह कुलपति से मिले। अब सभी की निगाहें कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी है।
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सदस्य सीके नायक एवं सैयद रजा हुसैन रिजवी बुधवार को एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर एवं सह कुलपति प्रो. एमएच बेग से मिले और नदीम अंसारी एवं जसीम प्रकरण में बातचीत की। सूत्रों की माने तो एएमयू के शीर्ष अधिकारियों ने अब तक की कार्यवाही से जांच टीम के सदस्यों को अवगत कराया।
टीम के सदस्यों को यह भी जानकारी दी गई कि नदीम अंसारी को प्रॉक्टर द्वारा कारण बताओ नोटिस दिया गया है। अन्य कार्यवाही चल रही है। पूरा मामला अनुशासन कमेटी में जाएगा। टीम के सदस्य वीसी एवं पीवीसी के पास करीब 15-15 मिनट रुके।
एएमयू के पीआरओ ऑफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई ने कहा कि टीम के सदस्यों ने कुलपति एवं सह कुलपति से शिष्टाचार मुलाकात की। बाद में टीम के सदस्य पत्रकारिता विभाग, मौलाना आजाद लाइब्रेरी एवं म्यूजियम भी देखने गए। उल्लेखनीय है कि इस मामले में टीम के सदस्यों ने मंगलवार को डॉ. जसीम मोहम्मद एवं नदीम अंसारी सहित कई अधिकारियों के बयान रिकार्ड किये थे।
सोशल मीडिया में दुष्प्रचार करने वालों के विरुद्ध हो कार्यवाही
एएमयू के पूर्व मीडिया सलाहकार एवं पत्रकार डॉ. जसीम मोहम्मद ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर सोशल मीडिया में उनके खिलाफ दुष्प्रचार एवं षडयंत्र करने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। उन्होंने प्रमाण के रूप में सोशल मीडिया पर डाले गए पोस्ट का स्क्रीन शॉट भी एसएसपी के पास भेजा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ लोग झूठी अफवाह फैलाकर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
संकट की घड़ी में कंधे से कंधा मिलाकर एएमयू के लिए खड़े हो
एएमयू ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने डॉ. जसीम मोहम्मद को आड़े हाथ लेते हुए अलीग बिरादरी से संकट की मौजूदा घड़ी में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का आह्वान किया है। ज्चाइंट कनवीनर रेहना अहमद ने कहा है कि एएमयू इस समय चैलेजिंग दौर से गुजर रहा है। आज जसीम मोहम्मद एवं उन जैसे जाने कितने लोगों की नजर गिद्ध की तरह यूनिवर्सिटी पर मंडरा रहा है। ऐसे लोग एएमयू को अपने षडयंत्रा सीढ़ी बनाकर हमदर्दी हासिल करना चाहते हैं। पहले ये कांग्रेस के पिट्ठू थे। अब चाहते है कि कोई और गोद ले ले। एएमयू इतिहास में वह काला दिन था, जिस दिन जसीम मोहम्मद को एएमयू के जनसंपर्क कार्यालय में नौकरी पर रखा गया।