क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
बैंक से 30 लाख रुपये का लोन मंजूर कराने के नाम पर युवक के साथ ठगी करने वाले उसके दोस्त और दोस्त के साथी के खिलाफ पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज हुए 12 दिन बीतने के बाद भी ठगी के आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। पीड़ित का आरोप है कि थाना देहली गेट पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए प्रयास नहीं कर रही है। आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।
शहर के न्यू निरंजनपुरी गूलर रोड निवासी प्रदीप जिंदल ने बताया कि वह अपनी मां के साथ मिलकर एक फर्म का संचालन करते हैं। पिछले दिनों कुछ रकम की आवश्यकता होने की बात अपने दोस्त राहुल रावत निवासी सेक्टर-1 तालानगरी को बताई थी।
उसने मदद के बहाने अपने साथी विजय यादव निवासी वरुण हॉस्पीटल वाली गली से मिलवाया और कहा कि विजय कमीशन पर बैंक से लोन मंजूर कराता है। वह कमीशन देकर लोन लेने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद विजय ने एक फर्जी बैंक अधिकारी को सर्वे करने के लिए घर भी भेज दिया और कुछ दिन बाद तीस लाख रुपये का बैंक लोन मंजूर होने की बात कही। इसकी एवज में उसने पहले 50 हजार और फिर 40 हजार रुपये ले लिए। इसके साथ ही उसने एक ब्लैंक चैक भी लिया। कुछ दिन बाद उसने ब्लैंक चैक को भरकर बैंक में जमा कर रकम निकालेे की कोशिश की। चैक बाउंस होने पर राहुल और विजय के कारनामे का पर्दाफाश हुआ। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस अब इस मामले में आगे की कार्रवाई नहीं कर रही है।