हल्द्वानी। साइबर ठगों ने ठगी का नया तरीका निकाल लिया है। सोशल मीडिया और मोबाइल पर एसएमएस कर आयकर रिफंड का फर्जी संदेश भेजकर लाखों की ठगी की जा रही है। यह शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अलर्ट जारी कर दिया है।
वर्तमान में ऑनलाइन, मोबाइल, इंटरनेट बैंकिंग का चलन तेजी से बढ़ा है। साइबर ठगों ने इसी को हथियार बनाया है। साइबर ठग लोगों के मोबाइल पर एसएमएस और व्हाट्स एप के जरिए एक संदेश भेजते हैं। इस संदेश में आपका आयकर रिफंड बैंक खाते में हस्तांतरित होने की सूचना देते हैं। साथ ही इस संदेश में लिखा होता है कि रिफंड के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें। क्लिक करने के साथ ही मोबाइल स्विच ऑफ हो जाता है। वहीं साइबर ठग आपके मोबाइल से सारा डाटा हैक कर लेता है। इस डाटा की मदद से बैंक खाते से रुपये उड़ा दिए जाते हैं।
आयकर रिफंड के नाम पर हो रही साइबर धोखाधड़ी
साइबर ठग आयकर विभाग का लिंक दे कर जनता को लगा रहे चूना
ऐसा होता है ठगी का संदेश-
नमस्कार। आयकर विभाग से आपके 15,490 रुपये का रिफंड खाते में आ गया है। रिफंड की पुष्टि के लिए आयकर विभाग के नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
सिर्फ रिफंड प्रोसेस की जानकारी देता है आयकर विभाग
आयकर विभाग करदाता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक एसएमएस भेजता है। इस एसएमएस में सिर्फ आयकर रिफंड की प्रोसेस की जानकारी ही दी जाती है। आयकर विभाग किसी भी तरह से मोबाइल पर ऐसा एसएमएस नहीं भेजता है जिसमें किसी लिंक पर क्लिक करने का निर्देश हो। साथ ही आयकर विभाग सोशल मीडिया पर भी ऐसे संदेश नहीं भेजता है।
ठगी एसएमएस आने पर ये बरते सावधानियां =
-ऐसे एसएमएस आने पर किसी भी लिंक पर कोई क्लिक नहीं करें
-संदेश दिए किसी भी नंबर पर कोई कॉल नहीं करें
-मैसेज को तत्काल डिलीट कर दें
-जिस नंबर से यह मैसेज आया है उसको तुरंत ब्लॉक कर दें
आयकर विभाग सिर्फ रिफंड प्रोसेस की जानकारी देता है। यदि ठगी का कोई भी मैसेज आए तो करदाता को क्लिक, कॉल वगैरह नहीं करना चाहिए उल्टे आयकर विभाग, पुलिस से शिकायत करनी चाहिए।
-गगन सूद, अपर आयुक्त आयकर हल्द्वानी