क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जवां क्षेत्र में गैंगरेप की शिकार किशोरी के बयानों और पुलिस के दावे में विरोधाभास है। एक तरफ जहां परिवार व किशोरी ने मीडिया को दिए बयान में दुष्कर्म से आहत होकर आत्महत्या की बात कही है। वहीं पुलिस का कहना है कि पीड़िता ने मृत्यु पूर्व बयान में खाना बनाते समय दुर्घटनावश जलने की बात कही है। हालांकि परिवार की तहरीर को आधार मानकर मुकदमा दर्ज किया गया है। आगे जांच के आधार पर कार्रवाई होगी।
एसएसपी अजय कुमार साहनी का कहना है कि किशोरी के जलने की सूचना पर जब पुलिस पहुंची और उसे उपचार के लिए लाया गया तो उस दौरान पुलिस से बातचीत व मृत्यु पूर्व बयान में उसने अपने साथ गांव के ही सोनू व ललित द्वारा शौच को जाते समय बाइक पर जंगल में गांव से दूर ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म की बात बताई थी। साथ में यह भी बताया कि खाना बनाते समय अचानक जल गई है।
दूसरी ओर पिता ने किशोरी द्वारा दुष्कर्म से आहत होकर आत्महत्या करना बताया है। इसी आधार पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं एसएसपी ने बताया कि यह किशोरी दो दिन पहले पुलिस को रात करीब 12 बजे गांव के पास मिली थी। उस समय पूछने पर उसने पिता की डांट से नाराज होकर घर से निकल आना बताया था। इसके बाद पुलिस उसे घर छोड़ने गई थी। पिता ने पुलिस के पूछने पर बताया कि वह छत पर सो रही थी। फिलहाल सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। इसके बाद आगे कार्रवाई तय होगी।