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प्रधानमंत्री आवास योजना में वसूली करता निगम कर्मी निलंबित

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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प्रधानमंत्री आवास योजना में लोगों से पैसा वसूलने के आरोपी कर्मचारी को नगर आयुक्त ने निलंबित करने के लिए संस्तुति शासन को कर दी है। साथ ही उसका पटल परिवर्तन भी कर दिया गया है। हालांकि नगर निगम कार्यकारिणी के उप सभापति ने आरोप लगाया कि बड़े अधिकारियों को बचाया जा रहा है।

पिछले दिनों वार्ड संख्या 50 के और 66 के पार्षद सद्दाम और पप्पू द्वारा नगर निगम कर्मचारी कोे लोगों से वसूली करते हुए पकड़ लिया गया था। नगर निगम कार्यकारिणी में इस मुद्दे को उप सभापति पुष्पेंद्र जादौन ने उठाया भी था। पार्षद बाद में नगर आयुक्त से भी मिले। इसके बाद नगर आयुक्त ने विभागीय जांच के बाद आरोपी निगम कर्मी राजस्व निरीक्षक राकेश कुमार के निलंबन की संस्तुति कर दी है।
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नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल की ओर से कहा गया है कि 28 अगस्त को अधीक्षक जोनल अधिकारी जोन वन ने उनसे फोन पर संपर्क किया तो राकेश कुमार ने बताया कि वह प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रार्थना पत्र की जांच के लिए मौलाना आजाद नगर, शहंशाहबाद आए हैं। यहां पर पार्षद पप्पू और सद्दाम ने राकेश कुमार को बैठा लिया। वहां पर लोगों ने 500-500 रुपये वसूले जाने का आरोप लगाया। बाद में राकेश कुमार ने अपनी गलती स्वीकार की और पैसे भी वापस किए। इन सभी को ध्यान में रखते हुए निलंबन की संस्तुति की गई है। साथ ही कर अनुभाग से संबद्ध भी कर दिया है।

‘आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही गठित की है। साथ ही निलंबन के लिए निदेशक स्थानीय निकाय लखनऊ को पत्र प्रेषित किया है। कर अनुभाग से संबद्ध किया है। प्रतिदिन सुबह 10 बजे वह अपनी उपस्थिति वहां सुनिश्चित करेंगे।’ - सत्य प्रकाश पटेल, नगर आयुक्त
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बड़े अधिकारी को बचाया जा रहा है: उप सभापति
नगर निगम कर्मचारी राकेश कुमार के खिलाफ की गई कार्यवाही को अपर्याप्त बताते हुए नगर निगम कार्यकारिणी के उप सभापति पुष्पेंद्र जादौन ने कहा है कि बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। यह पहली बार ऐसा नहीं है। पथ प्रकाश में जब गड़बडी मिलीं तो एक अधिकारी को बचाया गया। कर्मचारी पर कार्यवाही कर दी गई। यह बड़े अधिकारी पांच वर्ष पहले यहां से स्थानांतरित हो चुके हैं लेकिन रिलीव नहीं किया गया है। इन पर कई मुख्य चार्ज हैं और अनियमितताओं के लगातार आरोप लगते हैं। इसके बाद भी इनको कार्यवाही के दायरे में न लाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
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