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नितिन हत्याकांड-डीएम ने जूस पिलाकर खत्म कराया आमरण अनशन

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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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कोरी समाज के किशोर नितिन हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी समेत अन्य मांगों को लेकर कलक्ट्रेट पर पिछले करीब दो माह से चल रही सर्वदलीय कोरी समाज संघर्ष समिति का आमरण अनशन डीएम के आश्वासन पर गुरुवार सायं खत्म हो गया। डीएम ने हत्याकांड के तीन आरोपियों को तीन चार दिन में गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया।

पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपया मुआवजा एवं एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग को शासन को भेजने का भरोसा दिलाया।

इससे पूर्व अनशन पर बैठी नितिन की मां शांतिदेवी की सायं चार बजे के करीब तबीयत बिगड़ गई। इसकी सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। आनन फानन में एडीएम सिटी, एसपी सिटी, सीएमओ एवं मेडिकल पैनल मौके पर पहुंच गया। लेकिन आंदोलनकारी अड़ गए कि डीएम के आने से पहले अनशन स्थल पर ही इलाज होगा। समझाने पर और महिला की तबीयत को देखते हुए प्रशासन की अपील मान ली गई। उन्हें तत्काल जिला मलखान सिंह अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।
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डीएम के आने के बाद पूर्व विधायक जमीरउल्लाह खां की मौजूदगी में समझौता वार्ता हुई। एक और अनशनकारी दयाप्रकाश की तबीयत बिगड़ गई।

उन्हें भी जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। इससे पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह ऊषवा के नेतृत्व में रणवीर सिंह कश्यप, महेश चौधरी, गजराज सिंह विमल, मुनीश अहमद गाजी, मो. सगीर, राधेश्याम, रिजवान खान समेत अन्य नेताओं ने धरने को समर्थन देने की घोषणा की और कुछ देर धरने पर भी बैठे। समिति अध्यक्ष जगदीश माहौर ने कहा कि डीएम ने तीन चार दिन में कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

यदि निर्धारित अवधि में भी हत्यारे पकड़े नहीं गए तो उग्र आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। इस मौके पर स्वतंत्र जनता राज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम कोरी, भूप सिंह, गोपाल माहौर, मुकेेश माहौर, श्रोतीलाल, दयाप्रकाश, तिरखा सिंह आदि उपस्थित थे।

इधर, इस मामले में लगातार कई दिन से धरना स्थल पर मौजूद रहे कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन व युवा कांग्रेस नेता राजेश राज जीव ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि वह किन्हीं कारणों से बाहर थे। धरना खत्म कराकर किसी तरह का छलावा करने की जरूरत नहीं है। अगर जरूरत हुई तो आगे फिर धरना या अन्य तरह का आंदोलन किया जा सकता है।
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शुरू हुई धरपकड़, कई हिरासत में
धरना खत्म होने के बाद ही पुलिस स्तर से नामजदों की गिरफ्तारी के लिए धरपकड़ अभियान शुरू करा दिया गया। कई लोग हिरासत में भी लिए गए हैं, जिनसे नामजदों को लेकर पूछताछ व साक्ष्यों को लेकर जांच की जा रही है।
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