न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इगलास (अलीगढ़)।
क्षेत्र के गांव तेहरा गंग नहर की पटरी गुरुवार सुबह करीब सात बजे एकत्रित हुए लोगाें ने यह कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया कि यहां रात में मेटाडोर से मृत व जीवित गोवंश लाकर दफनाए गए हैं, जिनमें कुछ गोवंश मिट्टी व कीचड़ में दबे दिख रहे और बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर एकत्रित लोगों ने खुदाई कराकर 11 मृत गायों को निकाला। साथ ही गायों को जिंदा दफनाने के विरोध में हंगामा शुरू कर दिया।
लोगों का कहना था कि मिट्टी में दबी गायों में से छह जिंदा निकलीं। इसके बाद ग्रामीणों ने अलीगढ़ मथुरा मार्ग पर जाम लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान सड़क पर कूड़ा डालकर उसमें आग लगा दी। शुरुआत में पहुंची थाने की पुलिस मूकदर्शक बनी रही। बाद में एसपी ग्रामीण मणीलाल पाटीदार कई थानों के फोर्स के साथ पहुंच गए।
इसी बीच खुद को गोरक्षा वाहिनी से जुड़ा बताने वाली इगलास के एक विद्यालय में तैनात शिक्षिका प्रिया उर्फ ऐश्वर्या उर्फ मीनल निवासी सुरेंद्र नगर क्वार्सी अलीगढ़ भी पहुंच गईं। उनकी पुलिस अधिकारियों से जमकर नोकझोंक हुई। बाद में पुलिस के समझाने व बल प्रयोग की धमकी पर दोपहर करीब 11 बजे हंगामा शांत हुआ और जाम खोला गया।
इसके बाद मृत 11 गायों का नगर पंचायत कर्मियों की मदद से पोस्टमार्टम कराया गया और वहीं दफन कराया गया। पोस्टमार्टम में स्पष्ट हुआ कि सभी गायों की करीब 36 घंटे पहले मौत हुई है। इससे पहले हंगामा कर रहे ग्रामीणों ने जीवित आधा दर्जन गायों को पशु चिकित्सालय भेजा, जहां एक की मौत हो गई, जबकि पांच का इलाज चल रहा है।
घटना की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी चन्द्रभूषण सिंह व एसएसपी अजय साहनी भी मौके पर पहुंच गए। इधर, पुलिस ने प्रिया उर्फ ऐश्वर्या को अफवाह फैलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया और बाद में उन्हें निजी मुचलके पर थाने से रिहा किया गया।
इंस्पेक्टर इगलास अजय चाहर के अनुसार ऐश्वर्या उर्फ प्रिया उर्फ मीनल, भावना शर्मा पत्नी अनिल शर्मा सासनी रोड, सौरभ तेहरा, राहुल जमो, अवधेश पाठक, डोरीलाल टीकापुर, अजय ठाकुर इगलास, नितिन इगलास, राबल असवार, विनय तिवारी सीतापुर व अन्य सहित दस लोगों के खिलाफ अफवाह फैलाने, जाम लगाने व सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
- जिस स्थल पर गोवंश मिले हैं, वहां पहले से ग्रामीण पशुओं की मौत पर उन्हें दफन करते रहे हैं। अब चूंकि लगातार ग्रामीणों द्वारा दूध न देने पर पशुओं को छोड़ा जा रहा है तो इसी बीच अराजकतत्वों ने मृत गायों को जिंदा गोवंश दफनाने की अफवाह फैलाई है। पता चला है कि यहां गाय मौत होने पर खुद ग्रामीणों द्वारा ही दफनाई गई हैं। जमीन से 11 मृत गाय निकली हैं, उनमें एक भी जीवित नहीं थी। उनके पोस्टमार्टम में स्पष्ट हुआ है कि उनकी मौत 36 घंटे पहले हुई है। रहा सवाल मौके से गायों के जीवित मिलने का तो घटनास्थल के आसपास और भी लावारिस गोवंश जो ग्रामीणों द्वारा ही छोड़े गए हैं, वहीं घूम थे। इसलिए ग्रामीणों में इस बात का भ्रम फैल गया कि इन गायों को किसी ने जीवित दफनाया है। वीडियो फुटेज के जरिए जाम लगाने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। अफवाह फैलाने वालों पर एफआईआर दर्ज होगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।-अजय कुमार साहनी एसएसपी
फार्मेसिस्ट का यह है दावा
अलीगढ़ रोड पर नहर किनारे पटरी पर मिले गोवंश में से छह जिंदा गोवंश राजकीय पशु अस्पताल इलाज के लिए जाए गए। पशु अस्पताल के फार्मेसिस्ट धर्मेंद्र कुमार के अनुसार एक मेटाडोर में छह गोवंश अस्पताल लाए गए थे। बताया गया कि यह सभी नहर पटरी पर से लाए गए हैं। इनमें गाय, बछड़ा और बछिया थी। बछिया की मौत हो गई, जबकि पांच गोवंश को इलाज कर बचा लिया गया है।