डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर के सीएमओ कार्यालय में डॉक्टरों को बंधक बनाने एवं सरकारी कार्य में बाधा डालने आदि मामले की जांच के लिए प्रॉक्टर ने चार सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी के सदस्यों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
एएमयू के बीयूएमएस छात्र के उपचार के दौरान लापरवाही को लेकर छात्रों ने गत दिनों जेएन मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर में जमकर हंगामा किया था। इस दौरान छात्र संघ अध्यक्ष सलमान इम्तियाज एवं अन्य छात्र नेता भी पहुंच गए थे। आरोप है कि सलमान इम्तियाज एवं अन्य छात्रों ने सीएमओ डॉ. एसएएच जैदी, डॉ. एहतेशाम, डॉ. नरेश, डॉ. सलमान आदि को काफी देर तक सीएमओ कार्यालय में बंधक बनाए रखा। डॉक्टरों को शौच करने तक नहीं जाने दिया गया। इसके कारण डॉक्टर बेहद आक्रोशित हैं।
इस मामले में सलमान सहित 50 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है। दूसरी ओर अध्यक्ष एवं छात्र संघ के अन्य पदाधिकारियों ने 24 घंटे में एफआईआर वापस नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। दोनो तरफ से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगने लगे हैं। इससे एएमयू प्रशासन का टेंशन बढ़ गया है। इसी को देखते हुए प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान ने डिप्टी प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद एस खान की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच करा रहे हैं। कमेटी में डिप्टी प्रॉक्टर प्रो. राशिद उमर, असिस्टेंट प्रॉक्टर डॉ. जिया सिद्दीकी, असिस्टेंट प्रॉक्टर डॉ. अनवर अहमद शामिल हैं।