क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
जमालपुर में गठबंधन प्रत्याशी समर्थकों द्वारा भाजपाइयों संग मारपीट के मामले में आरोपियों की रिहाई के अगले दिन यानि गुरुवार को मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इस मुकदमे में जेल से रिहा होकर आए बसपा पार्षद सद्दाम सहित चारों व अन्य अज्ञात लोग आरोपी बनाए गए हैं।
खास बात है कि मुकदमे में मारपीट व लूटपाट का आरोप है, जबकि दौरान-ए-जांच काले झंडे दिखाने व पाकिस्तान समर्थित नारेबाजी के साक्ष्य स्पष्ट नहीं होने पर मुकदमे में इन आरोपों का उल्लेख नहीं किया गया।
सीओ तृतीय अनिल कुमार समोनिया के अनुसार रविवार को जमालपुर में भाजपाइयों संग हुई मारपीट मामले में भाजपा पदाधिकारी रामेंद्र सिंह की ओर से दी गई तहरीर पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है।
इसमें बसपा पार्षद सद्दाम, सपा पार्षद पति असलम नूर, इरफान, फुरकान, सादाब, फिरोज, अनीश, मो.आजम, इरशाद, जाहिद आदि व उनके अज्ञात साथियों को आरोपी बनाया गया है। हालांकि तहरीर में काले झंडे दिखाने से लेकर पाकिस्तान समर्थित नारेबाजी का भी उल्लेख था। मगर जांच में सिर्फ बल्वा, मारपीट व लूट का आरोप पाया गया।
जिसके आधार पर बल्वा, मारपीट व लूट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। बता दें कि इनमें से सद्दाम, असलम नूर, इरफान व फुरकान जेल गए थे, जो बुधवार को ही रिहा हुए हैं। सीओ के अनुसार अब फिर से इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
नहीं हुआ हाजिर, एसआईटी भी लेगी सद्दाम के खिलाफ वारंट
एएमयू बवाल मामले में जांच कर रही एसआईटी के विवेचक विपिन यादव एसएसआई हाथरस गेट द्वारा बसपा पार्षद सद्दाम को अदालत में तलब करने की अर्जी दायर की थी, जिस पर गुरुवार को अदालत ने सद्दाम को तलब किया था। मगर जेल से रिहा होने के बाद सद्दाम अदालत में हाजिर नहीं हुआ। अब विवेचक सद्दाम के खिलाफ वारंट लेने और फिर गिरफ्तार करने की तैयारी में है। विवेचक विपिन यादव के अनुसार साक्ष्य संकलन का काम पूरा हो गया है। एक-दो दिन में अदालत में हाजिर होकर वह वारंट प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके बाद सद्दाम की गिरफ्तारी कराई जाएगी।