क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
एसएसपी दफ्तर पर हिंदू जागरण मंच कार्यकर्ताओं पर गेट बंद करने को लेकर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को कुछ संगठनों की ओर से डीएस डिग्री कॉलेज के गेट पर पुलिस प्रशासन का पुतला फूंकने की प्लानिंग थी।
मगर खुफिया इनपुट के आधार पर यह सूचना लीक हो गई और पुलिस प्रशासन के स्तर से यह तय किया गया कि धारा 144 लागू है। बिना अनुमति किसी को पुतला नहीं फूंकने दिया जाएगा। इसके आधार पर सुबह से ही डीएस कॉलेज की घेराबंदी कर ली गई और दोपहर तक वहां कोई नहीं आया।
मंगलवार को हमले के मुकदमे में मीनाक्षी सिनेमाघर के प्रबंधक सुधीर सिसौदिया की गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन कर रहे हिंजामं कार्यकर्ताओं ने एसएसपी दफ्तर को बंद कर दिया था। मुख्य गेट से लोगों की आवाजाही बंद कर वहां धरने पर बैठ गए थे। तमाम प्रयास के बाद भी जब वह नहीं माने तो पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ना पड़ा।
इसके विरोध में बुधवार सुबह खुफिया इनपुट मिला कि अब कुछ संगठनों के लोग पुलिस प्रशासन का पुतला फूंक सकते हैं। इस पर पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया।
दोपहर तक डीएस कॉलेज के आसपास कोई नहीं आया। इंस्पेक्टर गांधीपार्क रविंद्र सिंह के अनुसार इस तरह की सूचना मिली थी, मगर दोपहर तक वहां कोई नहीं आया। इधर, पुलिस द्वारा संजू बजाज व सौरभ चौधरी को पुलिस लगातार तलाश रही है। उन दोनों की तलाश में कई जगह दबिश भी दी गई हैं। मगर पुलिस को सफलता नहीं मिली।
सीसीटीवी और वीडियो फुटेज से आरोपी होंगे तय
इधर, पुलिस ने एसएसपी दफ्तर के प्रदर्शन में नेताओं पर सख्त कार्रवाई का मूड तो बना ही लिया है। वहीं अब इस मामले में सीसीटीवी व वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की भूमिका व नाम तय किए जाएंगे। इसके लिए पुलिस स्तर से लगातार फुटेज का अध्ययन किया जा रहा है।
हिंजामं प्रदेश नेतृत्व ने बैठाई जांच, तब होगा निर्णय
हिंदू जागरण मंच के प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम लोधी ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि उन्होंने प्रकरण की जानकारी कर ली है। इसकी जांच के लिए प्रदेश महामंत्री अविनाश राना को जिम्मेदारी दी गई है। वह आगरा में हैं और एक-दो दिन में अलीगढ़ आकर प्रकरण की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके बाद आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने माना कि संगठन के कुछ जज्बाती कार्यकर्ताओं ने उतावलापन दिखाया है। मगर पुलिस को भी इस तरह का अशोभनीय व्यवहार नहीं करना चाहिए था। कार्यकर्ताओं को मनाने व समझाने का कोई रास्ता निकालना चाहिए था।
घनश्याम लोधी ने बताया कि हमारा संगठन बेहद अनुशासित है। हमें अनुशासन में रहकर काम करना होता है। फिर भी पुलिस को इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए था। कार्यकर्ताओं ने कुछ स्थानीय मुद्दे पर प्रदर्शन किया है। उनमें कुछ उतावले कार्यकर्ता जज्बात में बह गए। अब स्थिति की सही जानकारी कराने के लिए महामंत्री अविनाश राना को जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे कदम तय किया जाएगा।