क्राइम डेस्क, अमर उजाला, ब्यूरो
महानगर के क्वार्सी इलाके की नई आबादी में सोमवार दोपहर पुलिस दबिश के दौरान छत से कूदने पर जख्मी होने और पैर में फ्रैक्चर होने वाला युवक नए झमेले में फंस गया है। वह अपने ऊपर दर्ज मुकदमे में शासन से फर्जी आदेश कहां से और किसकी मदद से लाया, इसकी जांच क्राइम ब्रांच करेगी। इस संबंध में पुलिस ने फर्जी शासनादेश जारी करने का मुकदमा अज्ञात लोगों पर दर्ज किया है और जांच क्राइम ब्रांच को भेजी जा रही है।
नई आबादी निवासी लोकेश कुमार के घर सोमवार को पुलिस ने दबिश दी थी। तब वह छत से कूदा और उसके फ्रैक्चर हो गया था। हालांकि मंगलवार को उसने इसे लेकर कुछ लोगों पर घर में घुसकर हमले का आरोप मढ़ा।
मगर पुलिस जांच में बात सामने आ गई। इधर, मंगलवार को ही पुलिस को पता लगा लोकेश पर सावित्री देवी की ओर से जो मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसकी विवेचना कासगंज से कराए जाने संबंधी शासनादेश आया है।
मगर हकीकत सामने आने पर पता चला कि यह आदेश फर्जी है। इस संबंध में पैरोकारों ने लखनऊ जाकर सच्चाई पता की तो यह बात खुली। इस पर क्वार्सी पुलिस ने मंगलवार को फर्जी आदेश जारी होने का मुकदमा दर्ज किया है।
इंस्पेक्टर क्वार्सी संजीव दुबे के अनुसार मुकदमा खुद उनकी तरफ से लिखा गया है और मामले में जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी जा रही है।