क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
आठ वर्ष जिला कारागार में रहने और 19 वर्ष तक हत्या आरोपी बने रहने के बाद अब हरदुआगंज क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले एक व्यक्ति के माथे से हत्या का कलंक हट गया है। पूरे मामले में अदालत ने आरोपी को निर्दोष माना है।
बचाव पक्ष की ओर से अदालत में मामले की पैरवी कर रहे सरदार मुकेश सैनी एडवोकेट ने बताया कि सन 2000 में हरदुआगंज इलाके में एक सड़क हादसा हुआ। इसमें हरीमोहन नाम के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। मामले में अज्ञात के खिलाफ वादी हरीश निवासी हरदुआगंज की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
जांच के दौरान हरदुआगंज के विसावलपुर के रहने वाले विनोद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया। इस मामले की सुनवाई अदालत में होती रही। सरदार मुकेश सैनी कहते हैं कि अगस्त 2012 में मृतक पक्ष को क्षतिपूर्ति भी मिल गई। लेकिन विनोद की मुश्किलों का अंत नहीं हुआ। इस दौरान विनोद ने जेल में भी समय काटा और बाद में जमानत करानी पड़ी।
अब फरवरी 2019 में अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में विनोद को दोषमुक्त किया है। मुकेश सैनी ने बताया कि सन 2000 में टेंपो खड़ा करके विनोद खाना खाने चला गया था। टेंपो को हरी मोहन ने चलाने की कोशिश की। इस दौरान हादसा हुआ और उसकी मौत हो गई।