क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
मंगलवार की रात थाना क्वार्सी के असदपुर कयाम पर पुलिस मुठभेड़ में दबोचा गया बदमाश दिलशाद हाथरस में हथियारों की दुकान को लूटने वाले गिरोह का सदस्य है।
पकड़े जाने के बाद इस गैंग ने हरदुआगंज में मोबाइल की दुकान लूटने और छर्रा में हुई लूट को भी अंजाम देने की बात स्वीकार की है। लूटे गए मोबाइल और नकदी भी बरामद की है। बुधवार को पुलिस ने इसको भी जेल भेज दिया।
सन 2016 में हाथरस के राजबाबू कालरा के पंजाब आर्म्स स्टोर में लूट की घटना हुई थी। बदमाशों ने हथियारों को लूट लिया था। दिलशाद का साथी शीलू हरदुआगंज में पकड़ा गया है।
मंगलवार की देर रात वाहन चेकिंग के दौरान बदमाश पुलिस को देखकर हरदुआगंज की ओर भागे। रामघाट रोड से सांगवान सिटी के पास से पुलिस ने दिलशाद को दबोच लिया।
इससे पहले मुठभेड़ के दौरान उसके दाहिने पैर में गोली लगी थी। एक बदमाश अभी भी फरार है। एसएसपी ने पुलिस पार्टी को नगद इनाम देने की घोषणा की है।
यह किया है गिरफ्तार
दिलशाद पुत्र खलील, निवासी मोहल्ला भूखा पिलखना, थाना अकराबाद और शीलू
यह हुआ है बरामद
- तमंचा 315 बोर, दो जिंदा कारतूस, तीन खोखा कारतूस, एक मोटरसाइकिल, कस्बा छर्रा में 30 अक्तूबर को डाली गई डकैती के 37 हजार रुपये, हरदुआगंज के जलाली में मोबाइल की दुकान से लूटे गए तीन मोबाइल।
गिरफ्तार करने वाली टीम
- थाना क्वार्सी के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह, हरदुआगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक विनोद सिंह, सब इंस्पेक्टर राजीव कुमार, सब इंस्पेक्टर लाल बहादुर, सब इंस्पेक्टर राधेश्याम, सब इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल जयवीर सिंह, सिपाही किशनवीर सिंह।