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पूजा शकुन और उनकी नंद के खिलाफ गैर जमानती वारंट

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क्राइम न्यूज, अमर उजाला अलीगढ़।
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अलीगढ़। धोखाधड़ी करने, चेक बाउंस होने के मामले में आंध्र प्रदेश की एक स्थानीय अदालत ने अखिल भारतीय हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव पूजा शकुन पांडेय और उनकी ननद गुंजन अग्रवाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। एक कार खरीदने के बाद आरोपियों ने कार मालिक को तीन चेक दिए थे, जिसमें से दो चेक बाउंस हो गए थे।

जिसके बाद पीड़ित ने हैदराबाद की अदालत की शरण ली थी। आरोपियों के हाईकोर्ट पहुंचने और वहां से कोई राहत नहीं मिलने पर अब यह मामला फिर से हैदराबाद की स्थानीय अदालत में है, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो चुके हैं।
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सासनी गेट के रहने वाले डी कुमार ने बताया कि सन 2012 में एलएंडटी कंपनी के हैदराबाद मेट्रो प्रोजेक्ट में नियुक्ति हुई। वहां पर रोड टैक्स अधिक होने के चलते उन्होंने अपनी कार पूजा शकुन पांडे पत्नी अशोक पांडे को 2.42 लाख रुपये में बेचना तय हुआ। पूरा पेमेंट ड्राफ्ट से मांगा, लेकिन तुरंत पैसा नहीं होने की बात के चलते और खुद के साहिबाबाद में रहने के चलते चेक बुक उपलब्ध नहीं होने के चलते अपनी भाभी गुंजन अग्रवाल के खाते से चेक देने की बात कही।

पूजा शकुन पांडेय ने दलील दी कि वह अलीगढ़ में नहीं रहती हैं। इसलिए यहां पर खाता भी नहीं है। इसके बाद तीन चेकों से पेमेंट करने की बात कही। 15 मई 2013 को 51 हजार रुपये का चेक कुमुद विवेक के एक्सिस बैंक के खाते का दिया गया। इसके बाद दो चेक 91 हजार और एक लाख रुपये के गुंजन अग्रवाल के पीएनबी बैंक के खाते के दिए गए।

इसके बाद गाड़ी पेपर सहित पूजा शकुन को दे दी गई। पूजा शकुन के यह कहने पर कि हैदराबाद काफी दूर है। मैं आपकी बहन की तरह हूं। गाड़ी ट्रांसफर पेपर भी साइन कर दीजिए, विश्वास करके पेपर भी साइन कर दिए। पूजा शकुन द्वारा दिया गया 51 हजार रुपये का चेक तो क्लीयर हो गया, लेकिन शेष दो चेक जब आईसीआईसीआई की हैदराबाद उप्पल शाखा में लगाए तो वह बाउंस हो गए।

जिसके बाद चेक बाउंस का मामला हैदराबाद में दर्ज कराया गया। इस मामले की सुनवाई स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट हस्तिनापुर, रंगारेड़्डी में हुई। इसके खिलाफ आरोपी पक्ष ने हैदराबाद हाईकोर्ट की शरण ली और मामले को खारिज करने की मांग की, लेकिन हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिलने पर मामला फिर से स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई के लिए भेजा गया। यहां से तीन बार गैर जमानती वारंट आरोपियों के भेजे गए हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस दौरान उन्हें धमकियां भी दी गई हैं।
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यह मामला अदालत में विचाराधीन है। मामले की जानकारी है। अधिवक्ता वहां पर पैरवी कर रहे हैं। यह आरोप गलत हैं, हमने पूरा भुगतान कर दिया था।
-अशोक पांडेय, पूजा शकुन पांडेय के पति

इस मामले में मेरी सीधी कोई भूमिका नहीं है। यह डील अशोक पांडेय और पूजा शकुन पांडेय ने की थी। वही इस प्रकरण में कुछ बेहतर बता सकते हैं। अगर मेरे खिलाफ वारंट है तो वह भी देखा जाएगा।
-गुंजन अग्रवाल, एसोसिएट प्रोफेसर, कामर्स विभाग एसवी कालेज
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