न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पाकिस्तान के जनक एवं पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर हटाने को लेकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में दो मई को हुए विवाद की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है। जांच अधिकारी एवं एडीएम वित्त एवं राजस्व बच्चू सिंह ने शुक्रवार को सार्वजनिक नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में उन्होंने स्पष्ट कहा है कि कोई भी व्यक्ति सात दिन के अंदर लिखित एवं मौखिक साक्ष्य, वीडियो आदि उनके कार्यालय में आकर किसी भी कार्य दिवस में प्रस्तुत कर सकता है।
दो मई को मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर एएमयू से हटाने को लेकर यूनिवर्सिटी के बाब-ए-सैयद पर जिन्ना का पुतला फूंकने पहुंचे हिंदूवादियों और एएमयू छात्रों के मध्य टकराव हो गया था।
हिंदूवादियों को वहां से हटाने के बाद एएमयू छात्र उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर बेकाबू हो गए। इस दौरान हिंसक छात्रों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने एवं लाठीचार्ज तक करना पड़ा।
लाठीचार्ज एवं पथराव में एसपी, एसडीएम समेत 13 पुलिसकर्मी, छात्र संघ के अध्यक्ष समेत 15 छात्र घायल हो गए। इससे संबंधित खबरें समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हुई। मामले को गंभीरता से लेेते हुए डीएम चंद्रभूषण सिंह ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए।
जांच की जिम्मेदारी एडीएम वित्त एवं राजस्व बच्चू सिंह को सौंपते हुए उन्हें 15 दिन का समय दिया है। जिम्मेदारी मिलते ही एडीएम वित्त एवं राजस्व ने कार्रवाई शुरू करते हुए सार्वजनिक नोटिस जारी कर साक्ष्य मांगे हैं।