क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
रामघाट रोड स्थित एक नर्सिंग होम में प्रसव के लिए लाई गई महिला के परिजनों से कहा गया कि संबंधित डाक्टर मौजूद हैं लेकिन उनकी जगह कोई और आया। वह भी इतनी देर में आया कि तब तक बच्चे की मौत ही हो गई। इस पूरी घटना की सीएमओ से लिखित शिकायत की गई है। जिसके बाद सीएमओ ने जांच कमेटी गठित कर दी है।
सीएमओ को दिए गए पत्र में कहा गया है कि गोंडा के गांव चिंता की नगलिया के रहने वाले अरविंद कुमार पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र सिंह अपने छोटे भाई की पत्नी हेमलता को 4 जून को रामघाट रोड स्थित एक नर्सिंग होम में प्रसव के लिए लाए थे। यहां पर हेमलता के परिजनों को बताया गया कि नर्सिंग होम की संबंधित डाक्टर आ रही हैं।
परिजनों का आरोप है कि इधर मरीज की हालत बिगड़ती रही और नर्सिंग होम वाले कहते रहे कि डाक्टर आ रही हैं। जब ज्यादा कहा गया तो बताया कि बाहर से डाक्टर आ रही हैं। जब बाहर से डाक्टर आई तो बहुत देर से आईं।
इस दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि नर्सिंग होम की लापरवाही से यह सब हुआ। इसके लिए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई है। दूसरी ओर नर्सिंग होम के संचालक डाक्टर का कहना है कि बच्चे की गर्दन में कोर्ड फंसी थी। सीजेरियन होना था यह बात परिजनों को बता दी थी। मामला जटिल था।
इस मामले में सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि पूरी घटना संज्ञान में है। शिकायत मिल गई है। इस पूरे मामले की जांच सीएमओ आफिस के वरिष्ठ डॉ. अनुपम भास्कर करेंगे। तीन तीन में जांच कर उनको रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है।