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योगी जी गायें तो अब भी काटी जा रही हैं

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बरेली। प्रदेश में योगी सरकार बनते ही गोवंशीय पशुओं की तस्करी और उनके काटने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद अभियान चलाकर पशु तस्करी में लिप्त सैकड़ों लोग जेल भेजे गए थे। लोकसभा चुनाव आने पर सरकार और प्रशासन चुनावी कार्य में व्यस्त हो गए। इस दौरान पुलिस ने गोवंशीय तस्करों के प्रति अपना नजरिया बदल लिया। पुलिस बड़े तस्करों पर हाथ डालने के बजाय एक-दो पशु काटने और मांस बेचने वालों तक सीमित हो गई है। लोकसभा चुनाव तो निपट गया, लेकिन पशु तस्करों के प्रति पुलिस का नजरिया नहीं बदला है। पिछले एक सप्ताह में पुलिस कार्रवाई पर गौर करें तो कई जगह गोवंशीय मांस पकड़ा गया, लेकिन बड़े पैमाने पर तस्करी करने वाले हाथ नहीं आए।
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पांच जून को बहेड़ी समेत तीन स्थानों पर गोवंशीय मांस पकड़ा गया था। चार जून को इज्जतनगर थाना पुलिस ने फरीदापुर चौधरी में छापा मारकर गोवंशीय पशु का मांस, अवशेष और एक बछड़ा बरामद किया था। दो लोग पकड़े गए थे, जिनमें उसी गांव का आसिफ कुरैशी और गोविंदापुर निवासी मशरिफ हैं। गोवंशीय पशु फरार हुए मुल्जिम असलम के घर में काटा गया था। दो जून को बहेड़ी पुलिस ने जोखनपुर गांव के जंगल में छापा मारकर आठ गोवंशीय पशु पकड़े थे। एक क्विंटल मांस और पशुओं को काटने के औजार बरामद हुए थे। उसी गांव के जलीस अहमद को गिरफ्तार किया गया था। मीरगंज इलाके में एक जून को ग्रामीणों के दौड़ाने पर पशु चोर फ्लाईओवर से कूद गए थे। गंभीर हालत में राजू कुरैशी और अफरोज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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ऐसा नहीं कि जिले में पशु तस्करी बंद हो गई। मगर सारा खेल साठगांठ से चल रहा है।

पशु तस्करों पर कार्रवाई लगातार की जा रही है। हाईवे पर भी वाहनों की चेकिंग के निर्देश हैं। कहीं किसी की लापरवाही सामने आएगी तो कार्रवाई की जाएगी।
- अभिनंदन सिंह, प्रभारी एसएसपी
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