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जुबैर ने संभाली मुनीर गैंग की कमान पर बिखराव में गैंगवार

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क्राइम न्यूज, अमर उजाला अलीगढ़
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एएमयू छात्रसंघ चुनाव के बीच हबीब हॉल के पास देर शाम हुए शाहबेज हत्याकांड ने एक तरफ जहां पुलिस के कान खड़े कर दिए। मगर कुछ ही देर में जरायम पेशेवरों से छनकर आई खबरों ने पुलिस के सामने कहानी भी लगभग खोलकर रख दी। यह हत्या जरायम पेशेवरों की गैंगवार का नतीजा है। कुख्यात अपराधी भाई यासिर, फहद व मारे गए सद्दाम के चौथे भाई जिस जुबैर के खिलाफ तहरीर आई है, वह यूपी, एनसीआर के कुख्यात शूटर व एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद हत्याकांड के आरोपी मुनीर का बेहद करीबी साथी है। इन दिनों वह शहर में मुनीर गैंग की कमान संभाले हुए है और मुनीर के गैंग में हुए बिखराव के चलते यह हत्या होना माना जा रहा है। जुबैर का नाम आने के बाद पुलिस कारणों को लेकर कड़ियां जोड़ने में लगी है।

मुनीर की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासे हुए थे कि जुबैर ने मुनीर के साथ मिलकर रेलवे मजिस्ट्रेट के गनर की हत्या कर पान दरीबा में सरकारी पिस्टल लूटी थी, जिसे पुलिस आज तक बरामद नहीं कर पाई है। इसी पिस्टल के विवाद में जुबैर ने मुनीर के साथ मिलकर अपने भाई सद्दाम की हत्या की थी। जिसका इल्जाम एएमयू छात्र राजनीति से जुड़े रहे खुर्रम पर लगा था। इधर, मुनीर के जेल जाने के बाद जुबैर ने शहर में नया गैंग बनाकर ताबड़तोड़ लूटपाट व छिनैतियों को अंजाम दिया। पिछले वर्ष पकड़े गए नितिन माया गैंग ने यह खुलासा किया था कि हम लोग लूट कर एएमयू में शरण पाते हैं। बाद में जुबैर भी जेल गया था।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार इसी बीच जुबैर से जुड़ी एक युवती से जुबैर के ही करीबी दोस्त की नजदीकियां होने के बाद इस गैंग में बिखराव हो गया। इसके बाद इनमें आपस में टकराव शुरू हो गए। इनमें जुबैर व जहूर आपस में टकराने लगे और इनमें कई मर्तबा गोली कांड हुए। पिछले वर्ष जिस गोली कांड में एएमयू छात्रा अनस की मौत हुई थी। उस समय बेशक उसे रोडरेज की घटना कहा गया, मगर बाद में यह बात जरायम पेशेवरों के बीच से निकलकर आई कि जहूर गुट ने जुबैर गुट पर गोली चलाई थी और गलती से गोली छात्रा के लग गई।


पिछले पखवाड़े किसने मारी थी जुबैर के गोली
इस हत्या के बाद यह बात भी सामने आई है कि पिछले पखवाड़े गूलर रोड इलाके में जुबैर को किसी ने गोली मारी थी। हालांकि यह गोली जुबैर के कनपटी से छूकर निकल गई थी और उसके ज्यादा गंभीर चोट नहीं आई थी। खुद जुबैर ने इस मामले में पुलिस तक से शिकायत नहीं की। अब माना जा रहा है कि यह हत्या कहीं उसी हमले का पलटवार तो नहीं।


शाहबेज के पिता ने दी चार लोगों पर तहरीर
इंस्पेक्टर सिविल लाइंस विनोद कुमार के अनुसार शाहबेज की हत्या के संबंध में उसके पिता अजमत की ओर से देर रात तहरीर दी गई हैए जिसमें जुबैर निवासी नौसा बरला हाल निवासी सिविल लाइंस सहित उसके चार साथियों को नामजद किया गया है। इनमें एक अमीर निशा का और एक जुबैर का भाई बताया गया है। पुलिस मुकदमा दर्ज कर इनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।


मेडिकल में पीटा गया रितिक भी जुबैर का करीबी दोस्त
शाहबेज की हत्या के बाद पब्लिक द्वारा मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बाहर पकडक़र पीटा गया रितिक निवासी बरौला बाईपास भी जुबैर का साथी है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस के अनुसार अब वह मेडिकल किस मकसद से गया थाए यह जांच का विषय है। मगर अब तक की पूछताछ व जांच में यह साफ हो गया है कि वह जुबैर का साथी है। इसी के चलते उसके समर्थकों ने गुस्से में आकर उसे पीट दिया था।
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मेडिकल कॉलेज में एहतियातन फोर्स तैनात
मेडिकल कॉलेज में मारपीट के बाद एहतियातन वहां कई थानों का फोर्स बुला लिया गया। खुद देर रात तक सीओ तृतीय संजीव दीक्षित वहां निगरानी बनाए रहे। वहीं तीन.चार टीमें बनाकर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगा दी गई थीं।

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