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रोडवेज के फर्जी चेक प्वाइंटों पर सन्नाटा, बाउंसर गायब

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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
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अलीगढ़-आगरा रीजन की रोडवेज बसों में फर्जी टिकट से रोडवेज को सालाना करोड़ों का चूना लगाने वाले माफिया गिरोह पर एसटीएफ की कार्रवाई के बाद बुधवार को मथुरा रोड के माफिया गिरोह के सभी चेक प्वाइंटों पर सन्नाटा पसरा रहा। यहां हर दिन तैनात रहने वाले बाउंसर भी गायब थे।

इसके उलट रोडवेज की मुख्यालय से आई चेकिंग टीम ने जरूर दिन भर मथुरा रोड पर डेरा जमाए रखा और एक-एक बस में टिकट को चेक कर बस को आगे जाने दिया गया। इधर, मंगलवार को गिरफ्तार किए गए माफिया गिरोह के सरगना सहित सभी 11 सदस्यों को बुधवार को कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं अब पुलिस की टीमें फरार साथियों व 11 अज्ञात लोगों की तलाश में जुट गई हैं।
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मंगलवार को प्रदेश मुख्यालय के निर्देश पर रोडवेज की बसों में फर्जी टिकटों के माध्यम से करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले गैंग के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।

इस कार्रवाई में सरगना सहित 11 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई थी। मथुरा से चलने वाली बसों के माध्यम से परिवहन विभाग के कर्मचारी देवेंद्र निवासी पिलखुनी द्वारा एक गैंग बना रखा था जो मथुरा डिपो से चलने वाली बसों में अपने गुर्गे रखकर बसों का संचालन कराकर सवारियों से आने वाले किराये में से बटवारा करके शेष धनराशि को खुद ही रखता था।

मंगलवार को पकड़े गए देवेंद्र सिंह निवासी पिलखुनी राया, मेघ सिंह निवासी करील, ओमवीर निवासी असावर( इगलास), खेम सिंह दांतऊ नगरिया(इगलास), अरविंद गदा खेड़ा थाना गोंडा, शिवराम व रवि तोमर निवासी नगला जमुनी थाना बल्देव, कुशलपाल सिंह निवासी रामपुर वकटरा थाना इगलास, ज्ञानेंद्र निवासी अतुर्रा थाना गोंडा तथा बांके बिहारी मावली थाना जमुनापार मथुरा को जेल भेज दिया गया है। वहीं बुधवार को इस रूट पर संचालित होने वाले इस गैंग के चेकिंग प्वाइंट बंद रहे।

अब तक क्यों थी चुप्पी, गिरेगी गाज
यूपी रोडवेज प्रबंधन द्वारा एसटीएफ के सहयोग से मुख्यालय के आदेश पर कार्रवाई गई इस कार्रवाई के बाद स्थानीय अफसर भी दहशत में दिख रहे हैं। संकेत मिल रहे हैं कि सब कुछ जानते हुए भी स्थानीय स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं कराई गई, इसे लेकर सवाल खड़ा हो रहा है। ऐसे अफसरों पर गाज गिरने के संकेत मिल रहे हैं। इससे बचने के लिए अब रोडवेज में पिछले काफी समय से लेकर अब तक का लेखा जोखा तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है।

सपा शासन से तैनात अफसर धूमिल कर रहे सरकार की छवि
अलीगढ़-आगरा रीजन की रोडवेज बसों में फर्जी टिकट से सरकार को करोड़ों का चूना लगाने वाले माफिया गिरोह के भंडाफोड़ से खलबली मच गई है। इस मामले में सपा सरकार के समय से विभाग में तैनात अधिकारियों पर लोग उंगली उठाने लगे हैं। भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संदीप चाणक्य ने परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्र देव सिंह को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है। उनका कहा है कि इस घटना से सरकार की छवि को बेहद धक्का पहुंचा है।

संदीप चाणक्य ने परिवहन मंत्री को लिखा है कि परिवहन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से रोडवेज को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने वाले सिंडीकेट का पर्दाफाश हुआ है। बडे़ शर्म का विषय है कि फर्जी टिकटों के माध्यम से लंबे समय से हो रहे फर्जीवाड़े की जानकारी जनपद स्तर पर विभिन्न माध्यमों से की गई, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।
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एमडी स्तर पर शिकायत होने पर एसटीएफ के माध्यम से फर्जीवाड़े का खुलासा किया गया। संदीप चाणक्य ने लिखा है कि बुद्ध विहार डिपो में एआरएम स्तर का एक अधिकारी पिछले काफी समय से तैनात है। यह अधिकारी सपा के पिछले कार्यकाल से लगातार तैनात है और इस संपूर्ण घटनाक्रम में इसकी अनदेखी इसकी संलिप्तता के रूप में समझी जा सकती है। संदीप चाणक्य का कहना है कि इस घटना से विभाग में तैनात अधिकारियों की निरंकुशता उजागर हुई है।
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