थाना क्वार्सी क्षेत्र की रियाज नगर कालोनी में बिल्डिंग मैटेरियल कारोबारी के परिवार को बंधक बना कर करीब 15 लाख रुपये से अधिक की डकैती डालने का मामला प्रकाश में आया है। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस को कुछ तथ्य भी हाथ लगे हैं जिनके आधार पर मामले की जांच की जा रही है। घटना के बाद पीड़ित परिवार सहित आसपास के लोग दहशत में हैं।
बरौली रोड स्थित रियाज कालोनी में रहने वाले बदरुलजमा पुत्र वलीउलजमा का पास ही में बिल्डिंग मैटेरियल का कारोबार है। पूरा परिवार संयुक्त रूप से एक साथ रहता है और घर में तीन भाई, उनका परिवार और तीन बहनें हैं। पुलिस के मुताबिक गुरुवार की रात परिवार के सभी सदस्य सोए हुए थे। देर रात करीब 10-12 बदमाश छत के रास्ते से घर में आए और सबसे पहले बदरुलजमा के पिता वलीउलजमा को हथियार के बल पर बंधक बना लिया।
बदमाश उनको एक कमरे में ले गए और बंद कर दिया। इसके बाद एक एक करके परिवार के अन्य सदस्यों को भी उसी कमरे में ले आया गया और बंद कर दिया गया। बदमाशों ने तहमद को फाड़ कर सभी के हाथ बांध दिए। दो बदमाश घर के मुख्य दरवाजे पर खड़े हो गए। इसके बाद बदमाशों ने पूरे घर को खंगाला।
बदमाशों ने पूरे घर से अनुमान के मुताबिक 5.11 लाख रुपये नगद, सोने चांदी के जेवर और अन्य सामान पर हाथ साफ कर दिया। डकैती में गई कुल संपत्ति की कीमत 15 लाख रुपये से अधिक की आंकी गई है। जब बदमाश जाने लगे तो उससे पहले कमरे में बंधक बने सभी लोगों को चेतावनी दी गई कि हमारे जाने के 15 मिनट बाद तक यहां से हिलना भी मत। अगर बात नहीं मानी तो जान का जोखिम होगा। इसके बाद डकैत फरार हो गए।
बंधक बने परिवार वालों ने किसी तरह स्वयं को बंधन मुक्त किया और फोन तक पहुंच कर पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के इलाके में बदमाशों की तलाश भी की लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस ने मौके से फिंगर प्रिंट उठाए हैं। बदमाशों की छोड़ी गई खाद्य सामग्री कै सैंपल लिए हैं। पैरों आदि के निशान भी लिए हैं। पीड़ित परिवार ने घटना के संबंध में तहरीर दे दी है।
तीन के मुंह पर नकाब, बाकी खुले मुंह
पीड़ित परिवार ने पुलिस को बताया कि डकैतों की संख्या करीब 10 से 12 के बीच रही होगी। इनमें से तीन डकैतों के मुंह पर नकाब था, बाकी के मुंह खुले हुए थे। इस बात को पुलिस मान रही है कि जिन डकैतों के मुंह बंधे हुए थे संभवत: वह पीड़ित परिवार के परिचित हों। क्योंकि बिना किसी परिचित के घर में डकैती डालना संभव नहीं है। अब पुलिस की जांच का बिंदु यह है कि वह कौन परिचित है जिसने डकैतों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया।
घर में ही किया हिस्सा बांट, खाना पीना भी किया
परिवार के सभी सदस्यों को कमरे में बंधक बनाने के बाद डकैत पूरी तरह निश्चिंत थे कि उनके काम में किसी प्रकार की दखलंदाजी नहीं होगी। इसी के चलते उन्होंने मुख्य कमरे में आराम से बैठकर डाले गए डाके की रकम और संपत्ति का हिस्सा बांट किया। इस काम में थोड़ा समय लगा। इस दौरान डकैतों ने घर में रखा खाना पहले गरम किया और फिर खाया भी। घर में रखा दूध, दही, फल, आदि भी डकैतों ने अपने इस्तेमाल में ले लिए।
कौन है डकैतों में शामिल राजा
वारदात के और रकम के हिस्सा बांट के दौरान डकैत आपस में बातचीत में एक डकैत को राजा कह कर संबोधित कर रहे थे। राजा इधर आना, राजा उसे संभालना। राजा इसे भी खोलकर देख आदि संबोधन बोल रहे थे। अब पुलिस की जांच का एक बिंदू यह भी है कि यह राजा कौन है? यह डकैत का सही नाम भी है या नहीं। या डकैतों ने गुमराह करने के इरादे से यह संबोधन चुना। इस बात की गहराई से जांच की जा रही है।
‘डकैतों की तलाश में हर संभावित ठिकाने पर दबिश दी जा रही है। परिजनों ने जैसा भी हुलिया और जानकारी बताई है उसके आधार पर पुराने बदमाशों का रिकार्ड निकलवाया जा रहा है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा’
- अजय कुमार साहनी, एसएसपी