क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
यूपी में अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के क्रम में अब जिलेवार हार्डकोर अपराधियों की जेल में मॉनीटरिंग चल रही है और उनके मुकदमों में उनके खिलाफ ठोस पैरवी के प्रयास चल रहे हैं। इसी क्रम में यूपी के दुर्दांत अपराधी मुनीर मेहताब के गैंग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक पैरवी चल रही है। मुनीर के साथी शूटर अतीउल्लाह को सिविल लाइंस के कारोबारी फहद हत्याकांड में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। मगर उस जमानत आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, जहां से उसकी जमानत खारिज कर दी गई। इसी तरह अन्य अपराधियों की सूची तैयार कर उनके मुकदमों में भी पैरवी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
मूल रूप से बिजनौर के स्यौहरा का मुनीर मेहताब और फैजाबाद के एएमयू छात्र आशुतोष मिश्रा की आपराधिक दोस्ती उस समय सुर्खियों में जब अक्तूबर 2014 में लालडिग्गी इलाके में कारोबारी फहद की गोली मारकर हत्या की गई। हत्या की चश्मदीद पत्नी व अन्य लोगों ने जब स्कैच बनवाए तो इन दोनों के चेहरे पुलिस के सामने आए। इस दिशा में काम करते हुए पुलिस ने आशुतोष को तो जेल भेज दिया। मगर मुनीर व गैंग लगातार फरार रहा।
बाद में एनआईए अफसर तंजील अहमद की हत्या में जब मुनीर का नाम सामने आया तो एसटीएफ ने इस गैंग के पीछे लगकर काम किया और मुनीर को जेल भेजने के साथ-साथ 50 हजार के इनामी बिहार निवासी अतीउल्लाह को भी जेल भेजा। अतीउल्लाह इन दिनों नोएडा जेल में है। फहद हत्याकांड में पहले से आशुतोष की जमानत हाईकोर्ट से खारिज हो गई थी। अब अतीउल्लाह को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी, जिसके खिलाफ फहद के परिवार ने अभियोजन की मदद से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकारते हुए अतीउल्लाह की जमानत पिछले दिनों खारिज कर दी है।
मोस्ट वांटेड सऊद के दुबई जाने का अंदेशा
मुनीर गैंग के एक और शूटर 50 हजार के इनामी सऊद यूपी के मोस्ट वांडेंट अपराधियों की सूची में आ गया है। इसको लेकर हालांकि एसटीएफ काम कर रही है। मगर उसके दुबई भागने का ज्यादा अंदेशा है। क्योंकि उसके पिता भी वहीं कार्यरत हैं। इसे लेकर अलीगढ़ पुलिस के साथ साथ एसटीएफ लगातार काम कर रही है। मगर कोई इनपुट नहीं मिल पा रहा है।
जिले के टॉप-10 की सूची पर भी मॉनीटरिंग
इनके अलावा जिले के अन्य टॉप-10 अपराधियों की मॉनीटरिंग भी अदालत में पुलिस व अभियोजन के स्तर से कराई जा रही है। इनमें इगलास के साथिनी का कुख्यात अपराधी प्रेमवीर बॉबी, गोंडा के चिंता की नगरिया का सोनू गौतम, लोधा के अर्जुनपुर नौगवां का कुख्यात बबलू, बुलंदशहर व उत्तराखंड में अपराधों में शामिल इंद्रपाल ताऊ, लोधा के लौहर्रा का अरुण फौजी आदि शामिल हैं। इनमें कौन जेल से बाहर है और किसकी जेल से निकलने की तैयारी पर काम चल रहा है।
अलीगढ़ में बड़े अपराध:-एएमयू छात्र कादिर पर हमला, तालसपुर प्रधान को गोली मार रिवाल्वर लूट, पीडब्ल्यूडी ठेकेदार मंधीर से रिवाल्वर लूटी, मीनाक्षी पुल पर 32 लाख की लूट, रेलवे रोड पर 35 लाख लूट, कारोबारी फहद की हत्या, मजिस्ट्रेट के गार्ड की हत्या-पिस्टल लूट, पिस्टल विवाद में साथी सद्दाम की हत्या, एएमयू छात्र आलमगीर की हत्या आदि।
अलीगढ़ से बाहर अपराध:-एनआईए अफसर तंजील अहमद की हत्या, बिजनौर में 90 लाख की लूट, दिल्ली में सिपाही की हत्या व पिस्टल लूट, दिल्ली में ही एटीएम केबिन में लूट, तीन की हत्या, लखनऊ में सिपाही, मैनेजर सहित तीन अलग-अलग हत्याएं आदि।
जिले के सूचीबद्ध गिरोहबद्ध अपराधियों के खिलाफ अभियोजन की मदद से अदालतों में ठोस पैरवी कराई जा रही है। किसी भी कीमत पर अपराधी जेल से न निकल पाए। इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
-अजय कुमार साहनी एसएसपी