न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व मीडिया सलाहकार एवं पत्रकार डॉ. जसीम मोहम्मद ने छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी की शिकायत कुलपति प्रो. तारिक मंसूर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी से कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को भी पत्र लिखा है।
डॉ. जसीम ने नदीम अंसारी एवं उनके साथियों पर बदतमीजी एवं धक्कामुक्की का आरोप लगाया है। यह भी आशंका जताई है कि वे लोग हथियारों से लैस थे और हत्या के इरादे से आए थे। शिकायत में कहा है कि कैंपस में तालिबान की तरह आतंक पैदा किया जा रहा है।
वे लोग प्रधानमंत्री मोदी को भी गाली दे रहे थे। डॉ. जसीम ने पीआरओ उमर सलीम पीरजादा को भी इस मामले में घसीट लिया है और उन्हें साजिश कर्त्ता ठहराया है। आरोप है कि उन्होंने छात्रों को मेरे आने की सूचना फोन से दी।
इसकी जांच कराई जाए। उन्होंने कुलपति से नदीम अंसारी एवं उनके साथियों को निलंबित कर कैंपस प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच कराने की मांग वीसी से की है। वहीं एसएसपी से एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है।
एएमयू पीआरओ उमर सलीम पीरजादा ने डॉ. जसीम द्वारा लगाए गए आरोप को बेबुनियाद करार दिया है। उनका कहना है कि इस पूरे प्रकरण से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को पूर्व छात्र नेता नदीम अंसारी ने डॉ. जसीम मोहम्मद के साथ पीआरओ आफिस में दुर्व्यवहार किया था और वहां से बाहर निकलने को कहा था। आरोप है कि जसीम के मोदी एवं आरएसएस प्रेम से नदीम अंसारी चिढ़े हुए हैं।
मोदी का कुत्ता होना फख्र की बात
डॉ. जसीम मोहम्मद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के नायक हैं और मैं अपने नायक का सम्मान करता हूं। नदीम अंसारी ने मुझे मोदी का कुत्ता बोला था। मोदी का कुत्ता होना फख्र की बात है। उन्होंने कहा कि आरएसएस देश के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी चेतना का स्कूल है। भाजपा उस चेतना का फूल है। मैंने अभी तक किसी दल की सदस्या नहीं ली है। उन्होंने कहा कि जो लोग मेरा विरोध कर रहे हैं, उन्होंने मुझसे ज्यादा न तो सर सैयद को पढ़ा है और न ही सर सैयद पर किताब लिखी है।