न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बीती 12 फरवरी मंगलवार को सांसद असदुद्दीन औवेसी के एएमयू आने की खबर के बाद हुए बवाल को सोमवार 18 फरवरी को छह दिन पूरे हो जाएंगे। इस बवाल में भाजपा नेता ओवैसी के आने के विरोध में थे तो एएमयू छात्रों ने उग्र विरोध करते हुए उनको यूनिवर्सिटी सर्किल से बाहर खदेड़ दिया था। इस झगड़े में आगजनी और मारपीट भी हुई। मौके पर पुलिस भी अच्छी संख्या में मौजूद थी लेकिन अब तक एक भी आरोपी को पुलिस पकड़ नहीं पाई है।
बहरहाल, पुलिस ने इस मामले में तीन अलग अलग टीमों को लगाया है। पहली टीम आरोपियों की गिरफ्तारी में दूसरी पूरे प्रकरण की जांच में लगी है और तीसरी टीम साक्ष्य संकलन कर रही है। पहली टीम को अब तक कोई सफलता नहीं मिली है क्योंकि आरोपी एएमयू के छात्र हैं और बिना किसी ठोस साक्ष्य के कैंपस से उनको हिरासत में लेना खासा मुश्किल है। दूसरी टीम पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच में जुटी है। जिसमें सभी साक्ष्यों, उपलब्ध तथ्यों को भली भांति परखने के बाद विवेचना जारी है। तीसरी टीम प्रकरण में ठोस साक्ष्य जुटा रही है। वीडियो फुटेज, फोटो और ऑडियो क्लिपिंग के माध्यम से ये जांचा जा रहा है कि वास्तविक दोषी कौन है।
जिससे बिल्कुल सही और सटीक हमलावरों की शिनाख्त की जा सके। वीडियो फुटेज में ये खंगाला जा रहा है कि किस छात्र ने हमले की शुरूआत की और किसने फायरिंग की। मारपीट के आरोपियों को भी चिह्नित किया जा रहा है। इन तीनों टीमों के काम की मानटरिंग सर्विलांस सेल के माध्यम से हो रही है। सर्विलांस सेल में प्रशिक्षु आईपीएस निपुण अग्रवाल को इसकी कमान सौंपी गई है।
एएमयू प्रकरण में रविवार को भाजयुमो जिलाध्यक्ष मुकेश लोधी, भाजपा के मीडिया प्रवक्ता डा. निशित शर्मा और छात्र नेता अजय सिंह के बयान दर्ज कराए गए। भाजपा नेताओं और छात्र नेता अजय सिंह ने अपने बयान में पूर्व में लगाए आरोपों को ही पुष्ट किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार तीनों के अलग अलग बयान दर्ज किए गए हैं। जिसके आधार पर आगे की विवेचना होगी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मुकेश के बयान से एएमयू के छात्रों पर राजद्रोह के साक्ष्य नहीं मिल हैं।
व्हाटसएप पर दें साक्ष्य : एसएसपी
एसएसपी आकाश कुलहरि ने अपील की है कि कोई भी जिम्मेदार शहरी एएमयू प्रकरण में साक्ष्य दे सकता है। ये साक्ष्य व्हाटस एप नंबर एसएसपी पीआओ के मोबाइल नंबर 9454458108 और सिविल लाइंस इंस्पेक्टर के मोबाइल नंबर 9456414721 पर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। साक्ष्य देने वालों की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। आम जनता से लेकर छात्रों तक से साक्ष्य मांगे गए हैं जिससे ठोस कार्रवाई हो सके।
दौड़ा दौड़ा कर पीटा था भाजपाइयों को
बीते मंगलवार को एएमयू के ही दो छात्र गुट आमने-सामने आ गए थे। मुसलिम फ्रंट बनाने को लेकर एएमयू छात्रसंघ द्वारा मुसलिम नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। इसमें ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को आना था। औवेसी के आगमन का छात्र नेता व भाजपा विधायक ठा. दलवीर सिंह के पौत्र अजय सिंह व उनके साथियों विरोध किया था। ये विरोध भी तब हुआ जबकि औवेसी के आने का कार्यक्रम फाइनल नहीं था और न ही वो कार्यक्रम में आये। भाजपा नेताओं के इसी विरोध पर एएमयू छात्रों का एक गुट हमलावर हो गया। आगजनी हुई और गोली भी चली। भाजयुमो जिलाध्यक्ष मुकेश लोधी की स्कार्पियो को निशाना बनाकर गोली चलाई गई। उनकी गाड़ी में सवार युवा मोर्चा के खैर विधान सभा संयोजक मनोज शर्मा को गाड़ी से खींचकर बेरहमी से पीटा गया था। आधा दर्जन मीडियाकर्मियों को भी पीट कर उनके कैमरे तोड़कर आग लगा दी गई थी।