क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
हत्या के मुकदमे में पिछली करीब 6 तारीखों से गैरहाजिर आरोपी वारंट होने पर मंगलवार को कोर्ट में हाजिर हुआ और जब उसने जमानत मिलने के बजाय जेल जाने की बात सुनी तो उसके पैरों-तले जमीन खिसक गई। वह कोर्ट मोहर्रिर सिपाही को चकमा भाग छूटा।
जब कोर्ट मोहर्रिर ने शोर मचाया तो दीवानी परिसर में अफरा-तफरी मच गई और भीड़ ने घेराबंदी कर उसे दबोचकर पीट दिया। हालांकि कोर्ट मोहर्रिर ने बीच में आकर उसे बचाया, मगर पकड़े जाने पर वह बेहोश हो गया। बाद में खबर पर सिविल लाइंस पुलिस वहां पहुंच गई और बेहोश पड़े वारंटी को मेडिकल कॉलेज में दाखिल करा दिया।
गोंडा क्षेत्र मेें हत्या के एक मुकदमे में आरोपी गोंडा के ही वीरपाल के पिछली करीब 6 तारीखों से वारंट चल रहे थे। पुलिस दबाव के चलते मंगलवार को वह अदालत पहुंचा और वहां अधिवक्ता से जमानत या वारंट रीकॉल कराने की बात कही। अधिवक्ता ने भी उसे आश्वस्त कर दिया। मगर जब वह कोर्ट में पहुंचा और वहां हाजिर हुआ तो उससे जमानत या वारंट रीकॉल होने के बजाय जेल भेजे जाने का फरमान सुना दिया गया।
कोर्ट मोहर्रिर ने उसके अभिरक्षा में लिए जाने संबंधी औपचारिकता शुरू कर दी और उसे अपने पास खड़ा हवालात ले जाने की व्यवस्था कर दी। बस जेल जाने के भय से वह घबरा गया और कोर्ट मोहर्रिर के पास से भाग छूटा। इस पर कोर्ट मोहर्रिर ने शोर मचा दिया। दीवानी में भीड़ ने उसे घेरकर दबोच लिया और उसे चोर समझकर पीटना शुरू कर दिया। इसी बीच कोर्ट मोहर्रिर ने जब उसे बचाया और बताया कि यह वारंटी है, तो भीड़ पीछे हट गई। मगर तब तक वह बेहोश हो गया था।
कोर्ट मोहर्रिर की सूचना पर इंस्पेक्टर सिविल लाइंस जावेद खान वहां पहुंचे और उसे मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया। इंस्पेक्टर के अनुसार वह गरमी में दौरे का शिकार हुआ है। मारपीट से बेहोश नहीं हुआ है और न उसके किसी तरह की चोट है। अब इलाज के बाद उसे कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा।