क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एनआईए अफसर तंजील अहमद हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुनीर का सहयोगी आशुतोष मिश्रा दो साल बाद लूट के दो पुराने मामलों में पेशी के लिए मंगलवार को दिल्ली की तिहाड़ जेल से अलीगढ़ की अदालत में लाया गया। यहां पर बन्ना देवी और सिविल लाइन थाने के प्रभारियों ने अदालत में पर्चा दाखिल किया।
एनआईए अफसर तंजील अहमद की हत्या के बाद मुनीर की हुई गिरफ्तारी के बाद उसके सहयोगी के रूप में आशुतोष मिश्रा का नाम प्रकाश में आया। हालांकि उससे पहले ही फैजाबाद निवासी आशुतोष मिश्रा जेल में था।
अमिर निशा के पास हुए फहद हत्याकांड के बाद चार दिसंबर 2014 को आशुतोष मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके बाद मुनीर की गिरफ्तारी हुई तो पता लगा कि मुनीर और आशुतोष मिलकर अपराध की घटनाओं को अंजाम देते थे।
इसी क्रम में थाना बन्ना देवी के रेलवे रोड पर हुई पीएनबी में 34 लाख की लूट और थाना सिविल लाइन के मीनाक्षी पुल पर 30 लाख की लूट को अंजाम देना मुनीर ने स्वीकार किया।
साथ ही बताया कि यह घटनाएं उसने आशुतोष मिश्रा के साथ मिलकर अंजाम दीं। इसके बाद इन मामलों में मुनीर के खिलाफ तो कस्टडी यानी उसे इन केसों में शामिल करना तो हो गया था, लेकिन तिहाड़ जेल में बंद आशुतोष के संबंध में यह प्रक्रिया बची हुई थी।
अब आशुतोष के खिलाफ कस्टडी की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसके बाद मंगलवार को आशुतोष मिश्रा को दिल्ली की तिहाड़ जेल से अलीगढ़ लाया गया। दोनों थानों की पुलिस ने भी अदालत में पर्चा दाखिल किया।