न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पुलिस भर्ती घोटाले के मामले में शुक्रवार को पीड़ित अभ्यर्थियों ने जांच अधिकारी एवं एडीएम सिटी के समक्ष बयान दर्ज कराये। अधिकांश का आरोप था कि मंडल स्तरीय पैनल ने सेेटिंग से अभ्यर्थियों का चयन किया है।
हाल ही में हुई पुलिस भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों के लिए जिला एवं मंडल स्तरीय मेडिकल पैनल का गठन किया गया था। इसमें जिला स्तर पर पास अथवा फेल होने वाले अभ्यर्थी मंडल स्तरीय पैनल के समक्ष प्रस्तुत हो सकते थे। यदि मंडलीय पैनल उन्हें पास कर दे तो उनका चयन तय हो जाता था। इस दौरान कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाए कि मंडल स्तरीय मेडिकल पैनल में मौजूद अधिकारी पक्षपात कर रहे हैं। वे सुविधा शुल्क लेकर ऐसे अभ्यर्थियों को भी क्लीन चिट दे रहे हैं, जिन्हें जिला स्तरीय पैनल फेल कर चुका है।
इस मामले में एसएसपी ने एसओेजी जांच करायी तो जिला मलखान सिंह अस्पताल में तैनात टेकिभनशियन 50 हजार रुपये की रिश्वत लेता रंगे हाथों पकड़ा गया। एसएसपी ने इस मामले में डीएम को पत्र लिखकर प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश देने का अनुरोध किया। डीएम ने एडीएम सिटी को नामित किया। एडीएम सिटी राकेश मालपाणी ने स्वीकार किया कि शुक्रवार को उनके समक्ष 50 अभ्यर्थियों ने अपने बयान दर्ज कराये हैं। उन्होंने बताया कि जांच अभी जारी है।