क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
छह साल पहले पुलिस कस्टडी में हुई एक मौत के मामले में अदालत ने तत्कालीन एसओजी प्रभारी सहित सात पुलिस कर्मियों के खिलाफ गिर?तारी वारंट जारी किया है। अदालत ने पांच जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ गिर?तारी वारंट तामील कराने के लिए कहा है।
अप्रैल 2012 में थाना गभाना के गांव पनिहावर निवासी दो भाई रामू और श्यामू को एसओजी टीम ने उठा लिया। इसके बाद श्यामू की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई।
इस मामले में तत्कालीन एसओजी प्रभारी आनंद प्रकाश सहित सात पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। मामले में चार्जशीट दाखिल की गई। इस दौरान आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार की लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिली। कुछ दिन पहले रामू की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया कि आरोपियों की अब तक गिर?तारी नहीं हुई है।
इसके बाद सीजेएम न्यायालय से आरोपियों के खिलाफ गिर?तारी वारंट जारी किए गए हैं। आनंद स्वरूप इन दिनों आगरा में तैनात हैं। अन्य पुलिस कर्मी भी अलग जनपदों में है।
अदालत ने अलीगढ़, फिरोजाबाद, हाथरस, कासगंज, आगरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर निर्देशित किया है कि आरोपियों को वारंट तामील कराए जाएं और अदालत में प्रस्तुत किया जाए। अगर वारंट तामील नहीं होते हैं तो आरोपियों का वेतन रोक दिया जाए।