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इन्होंने अलीगढ़ में किए हैं अपराध... अपने रिकार्ड में कर लें दर्ज

Wed, 30 Dec 2020 12:59 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अभिषेक शर्मा, अलीगढ़।
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उत्तर प्रदेश पुलिस - फोटो : सोशल मीडिया
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गैर जिलों और प्रांतों के अपराधी अलीगढ़ में अपराध करके चले जाते हैं। मगर, उनका क्राइम रिकार्ड उनके जिलों में दर्ज नहीं हो पाता। अपराधियों पर शिकंजा कसने की कड़ी में अलीगढ़ पुलिस ने यूपी में सबसे पहले एक अनूठी पहल की है। यहां सक्रिय रहे 115 ऐसे अपराधियों का आपराधिक ब्योरा उनके जिलों व राज्यों को भेजा गया है, जिनके नाम या तो यहां किसी अपराध में उजागर हुआ या फिर वे यहां किसी अपराध में जेल गए।

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आम तौर पर यह होता है कि जब कोई दूसरे जिले में अपराध करके चला जाता है तो उसका क्राइम रिकार्ड उसके गृह थाने तक नहीं पहुंच पाता। बात तब उजागर होती है, जब उसे पकड़ने के लिए पुलिस उसके गृह थाने पहुंचती है या किसी चर्चित कांड में किसी व्यक्ति का नाम उजागर हो जाए। ऐसे में गृह जिले में अपराधी आराम से रहते हैं और दूसरे जिलों में अपराध करके वापस चले जाते हैं। अपराधियों की इस कारगुजारी पर अंकुश लगाने के लिए जिला पुलिस ने पहल की है।

यह यूपी में पहला जिला है, जिसने यहां 3 साल से सक्रिय रहे 115 अपराधियों का आपराधिक ब्योरा उनके जिलों को भेजा है। क्राइम रिकार्ड संबंधित जिलों के एसपी, डीआईजी और एडीजी जोन स्तर व राज्यों के पुलिस मुख्यालय को भेजा गया है ताकि उनका अपराध उनके गृह थाने के रजिस्टर नंबर आठ में दर्ज हो सके और अगर वहां की पुलिस जरूरी समझे तो उनकी हिस्ट्रीशीट आदि खोलने की प्रक्रिया पूरी कर सके।
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यह भी मिल जाता है लाभ
अगर किसी व्यक्ति पर किसी दूसरे जिले या राज्य में अपराध दर्ज है और उसके गृह थाने या गृह जनपद में उसका ब्योरा नहीं है तो तमाम तरह के चरित्र सत्यापन में भी उसका उल्लेख नहीं हो पाता है। इससे बचकर अपराधी अपना चरित्र सत्यापन करा लेते हैं। अगर उनके गृह थानों में यह रिकार्ड होगा तो वे चरित्र सत्यापन नहीं कर सकेंगे।

सीएए-एनआरसी विरोधी उपद्रव के बाद भेजा था 150 का ब्योरा
इससे पहले जिला पुलिस ने सीएए-एनआरसी विरोधी उपद्रव के दौरान उन सभी 150 आरोपी छात्र नेताओं का आपराधिक ब्योरा उनके गृह जनपद भेजा था। अब जो 115 का ब्योरा भेजा गया है। उनमें भी कुछ एएमयू से जुड़े छात्र नेता शामिल हैं।

- हमने एक अनूठा प्रयास करते हुए अपने जिले में सक्रिय, नाम उजागर होने वाले या पकड़े जाने वाले 115 अपराधियों का ब्योरा उनके जिलों व राज्यों को भेजा है ताकि वे अपने जिले में भी पुलिस निगरानी में रह सकते हैं। इसके लिए हमने सीधे भी व संबंधित एडीजी जोन स्तर पर भी ब्योरा भेजा है।
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- मुनिराज जी एसएसपी

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